UP Budget 2026: यूपी में कल से बजट सत्र का आगाज, योगी सरकार पेश करेगी 9 लाख करोड़ का महा-बजट; युवाओं और किसानों के लिए खुल सकता है खजाना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास के लिहाज से अगला एक हफ्ता बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार सोमवार, 9 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू करने जा रही है। इस सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण 11 फरवरी को पेश होने वाला वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट होगा। माना जा रहा है कि आगामी पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना इस बार करीब 9 लाख करोड़ रुपये का 'ऐतिहासिक' और लोकलुभावन बजट पेश कर सकते हैं।
बैठकों का दौर और रणनीतियों को अंतिम रूप
बजट सत्र के औपचारिक आगाज से पहले आज राजधानी लखनऊ में बैठकों का बाजार गर्म है। विधानसभा में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आज दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें सत्तापक्ष सभी विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील करेगा। इससे पहले सुबह 11:30 बजे कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सत्र की समय सारणी पर चर्चा की जाएगी। शाम 5:30 बजे लोकभवन में एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री भाजपा और सहयोगी दलों के विधायकों को विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति समझाएंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण से होगी सत्र की शुरुआत
सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सदन को संबोधित करेंगी। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की पिछले साल की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप की झलक देखने को मिलेगी। चूंकि 11 फरवरी को बजट पेश होना है, इसलिए पूरे प्रदेश की नजरें वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के सूटकेस पर टिकी हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास की गति को तेज करने के साथ-साथ वित्तीय संतुलन भी बरकरार रखा जाए।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर रहेगा मुख्य फोकस
इस बार के बजट में उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा सकता है। अनुमान है कि कुल बजट का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा सड़क, पुल और शहरी विकास जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खर्च होगा। इसके अलावा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने, किसानों को सब्सिडी और नई तकनीक से जोड़ने और गरीब वर्ग के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट में बड़ी राशि आवंटित की जा सकती है। शिक्षा के लिए 15%, कृषि के लिए 12% और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 8% आवंटन की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी साल का असर बजट पर दिखना तय
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनाव और 2027 के महाकुंभ (विधानसभा चुनाव) को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार इस बजट में कुछ नई और बड़ी योजनाओं की घोषणा कर सकती है। महिलाओं, बुजुर्गों और पिछड़ों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे को बढ़ाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को 'वन ट्रिलियन इकोनॉमी' बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाना है।