Kanpur Ring Road: कानपुर में ₹5800 करोड़ से बन रही रिंग रोड अब होगी 6 लेन, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन; जानें कब शुरू होगा सफर
कानपुर। शहरवासियों को भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए बन रही 94.659 किमी लंबी आउटर रिंग रोड को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अब इस रिंग रोड को 4 लेन के बजाय 6 लेन का बनाया जा रहा है। कुल पांच पैकेज में बांटी गई इस महा-परियोजना का लक्ष्य साल 2028 तक पूरा काम खत्म कर इसे जनता के लिए खोलना है। इसके शुरू होते ही भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे शहरी सड़कों पर जाम का झंझट खत्म हो जाएगा।
सितंबर 2026 तक पूरा होगा पहला पैकेज
एनएचएआई (NHAI) के अनुसार, सचेंडी से मंधना तक (23.325 किमी) पहले पैकेज का 50 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। विभाग ने सितंबर 2026 तक इस हिस्से का निर्माण कार्य समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना निदेशक पंकज यादव ने संकेत दिए हैं कि पैकेज-1 का काम पूरा होते ही इस खंड पर यातायात को आंशिक रूप से शुरू किया जा सकता है, हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यालय द्वारा लिया जाएगा।
गंगा पर बनेगा 3300 मीटर लंबा विशाल पुल
इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना पेश करते हुए इस परियोजना के तीसरे पैकेज में गंगा नदी पर 3300 मीटर लंबा भव्य पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा पूरी रिंग रोड पर:
6 बड़े और 26 लघु पुल बनेंगे।
13 फ्लाईओवर और 9 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण होगा।
15 व्हीकुलर अंडरपास और 55 स्लैब कल्वर्ट से यातायात सुगम होगा।
एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी
कानपुर रिंग रोड केवल एक सड़क नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी का हब बनेगी:
चकेरी एयरपोर्ट: रिंग रोड को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 1.5 किमी लंबी लिंक रोड बनाई जा रही है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: कड़ेर पटारी गांव के पास इसे एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्नाव और लखनऊ की दूरी मिनटों में तय होगी।
तेज रफ्तार: 6 लेन की इस रोड पर वाहनों की अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है, जिससे यात्रा समय में 60% तक की कमी आएगी।
क्लोज टोलिंग सिस्टम से सुरक्षित होगा सफर
सुरक्षा के लिहाज से पूरी रिंग रोड पर 13 टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं। यहां 'क्लोज टोलिंग' प्रणाली लागू होगी, यानी वाहन केवल अधिकृत टोल पॉइंट से ही प्रवेश और निकास कर सकेंगे। एनएचएआई का दावा है कि इस तकनीक से सड़क पर 'ब्लैक स्पॉट' (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की आशंका न के बराबर रहेगी और अवैध कटों पर लगाम लगेगी।