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April 18 2026 09:22 am

UP में अब महापुरुषों की प्रतिमाओं का भी होगा कायाकल्प योगी का बड़ा ऐलान अंबेडकर, रविदास स्थलों की बढ़ेगी भव्यता

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के साथ-साथ अब महापुरुषों के सम्मान में बने स्थलों को भी नया रूप देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि राज्य में बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि जैसी महान विभूतियों की प्रतिमाओं और उनके स्मारकों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य इन महापुरुषों के योगदान को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन स्थलों को प्रेरणा का केंद्र बनाना है।

पर्यटन और आस्था का संगम बनेंगे स्मारक

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में केवल सड़क और बिजली ही नहीं, बल्कि विरासत का सम्मान भी शामिल है। सरकार की योजना इन प्रतिमा स्थलों के आसपास लाइटिंग, लैंडस्केपिंग और जन सुविधाओं का विस्तार करने की है। विशेष रूप से वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं के आसपास के क्षेत्रों को बेहतर बनाया जाएगा ताकि वहां आने वाले अनुयायियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

महर्षि वाल्मीकि और संत रविदास के केंद्रों पर विशेष ध्यान

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद, सरकार अब महर्षि वाल्मीकि के योगदान को भी रेखांकित कर रही है। महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों का विकास रामायण सर्किट के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इसी तरह, संत रविदास की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पहले ही कई विकास परियोजनाओं की नींव रखी थी, जिन्हें अब तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से लाने की तैयारी है।

दलित और वंचित समाज के महापुरुषों को सम्मान

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि योगी सरकार का यह कदम समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रणनीति का हिस्सा है। महापुरुषों के स्मारकों के सौंदर्यीकरण से न केवल सांस्कृतिक विरासत सहेजी जाएगी, बल्कि यह सामाजिक समरसता का संदेश भी देगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिमाओं का रखरखाव साल भर बेहतर तरीके से हो।

विरासत भी और विकास भी का मंत्र

उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से 'विरासत भी, विकास भी' के मंत्र पर काम कर रही है। काशी, अयोध्या और मथुरा के विकास के बाद अब महापुरुषों के स्थलों पर ध्यान केंद्रित करना इसी कड़ी का हिस्सा है। सरकार का मानना है कि महापुरुषों के विचार और उनके स्मारक समाज की धरोहर हैं, और इनका संरक्षण राज्य की जिम्मेदारी है। सौंदर्यीकरण के इस प्रोजेक्ट से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।