UP Assembly Budget Session : सदन की गरिमा या सियासत की जंग? बजट सत्र में भिड़े योगी और शिवपाल
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच शुरू हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा नेता शिवपाल सिंह यादव के बीच हुई जुबानी जंग ने सदन का तापमान बढ़ा दिया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का अब तक का सबसे विशाल बजट पेश किया, जिसमें बुनियादी ढांचे (Infrastructure), युवाओं और किसानों पर विशेष फोकस किया गया है।
सदन में 'चुटीली' भिड़ंत: योगी बनाम शिवपाल
सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिवपाल यादव के बीच दिलचस्प और तीखी बहस देखने को मिली।
योगी का प्रहार: मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि "जनता ने जिन्हें नकारा है, वे सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं।"
शिवपाल का पलटवार: शिवपाल यादव ने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि "सरकार कागजों पर विकास दिखा रही है, जमीन पर तो सिर्फ धूल उड़ रही है।"
बजट 2026-27 की 5 बड़ी घोषणाएं
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी के विकास का रोडमैप पेश करते हुए कई महत्वपूर्ण एलान किए:
कृषि और सिंचाई: किसानों के लिए मुफ्त बिजली और सिंचाई योजनाओं के लिए भारी आवंटन।
एक्सप्रेसवे का जाल: गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार और नए औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के लिए फंड।
युवाओं को 'डिजिटल' पंख: छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण योजना को और व्यापक बनाने का लक्ष्य।
धार्मिक पर्यटन: अयोध्या, काशी और मथुरा के बाद अब अन्य धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर जोर।
स्वास्थ्य सेवा: हर जिले में मेडिकल कॉलेज के संकल्प को पूरा करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान।
केशव प्रसाद मौर्य और विपक्ष में तकरार
सदन के बाहर और भीतर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के दावों को 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई विजन नहीं है, वे केवल सुर्खियां बटोरने के लिए विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बजट सत्र को देखते हुए विधानसभा के आसपास सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे क्या है इस बजट का संदेश?
यह बजट 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले की एक बड़ी तैयारी मानी जा रही है। सरकार ने अपनी योजनाओं के जरिए हर वर्ग (किसान, महिला, युवा) को साधने की कोशिश की है। विपक्ष का कड़ा रुख बताता है कि आने वाले दिनों में सदन में बहस और भी गरमाने वाली है।