बहराइच नल-जल घोटाला 5 करोड़ के 'नल-जल' घोटाले पर DM का बड़ा आश्वासन पदयात्रा से हिला प्रशासन
News India Live, Digital Desk: जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बहराइच के ग्रामीणों का आंदोलन रंग लाता दिख रहा है। तेजवापुर ब्लॉक के बालासराय ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए 'लखनऊ कूच' का फैसला किया, तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। तिकोरा मोड़ पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे SDM और CO के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए ग्रामीणों ने अपना पक्ष जिलाधिकारी (DM) के समक्ष रखा है।
प्रशासन का वादा: "एक हफ्ते में होगी आर-पार की जांच"
ग्रामीणों के अडिग रुख को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप किया है। प्रदर्शनकारियों को जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया है कि:
अगले एक हफ्ते के भीतर वे खुद इस पूरे प्रोजेक्ट की जांच करेंगे।
पाइपलाइन की गुणवत्ता और पानी की टंकी के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखी जाएगी।
यदि भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
भ्रष्टाचार का 'लाइव' प्रमाण: ग्रामीणों का तर्क
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रोहित दीक्षित और ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी, वह खुद भ्रष्टाचार के गहरे अनुमान की ओर इशारा करता है। उनका सवाल सीधा है— "अगर काम सही हुआ है, तो डर कैसा?" ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि 5 साल से टंकियां केवल 'हाथी के दांत' साबित हुई हैं, जिनमें कभी पानी नहीं पहुँचा।
चेतावनी: "जांच नहीं तो फिर शुरू होगी पदयात्रा"
ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रस्ताव को स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन उनका संकल्प अभी टूटा नहीं है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि:“हमने जिलाधिकारी महोदय के आश्वासन पर अभी अपना कदम रोका है। यदि एक हफ्ते के भीतर निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो हम दोबारा लखनऊ के लिए पदयात्रा निकालने को बाध्य होंगे।”