Hanuman Jayanti 2026 : कब है हनुमान जयंती? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और बजरंगबली को प्रसन्न करने वाली अचूक पूजा विधि
News India Live, Digital Desk : हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को शौर्य, साहस और भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। साल 2026 में हनुमान जयंती का उत्सव देशभर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर शनि दोष और मंगल भारी होने जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
हनुमान जयंती 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त (Date & Muhurat)
साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा की तिथि को लेकर विशेष गणना की गई है:
हनुमान जयंती तिथि: 1 अप्रैल 2026 (बुधवार)
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 31 मार्च 2026 को रात 11:22 बजे से।
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 1 अप्रैल 2026 को रात 09:45 बजे तक।
उदयातिथि के अनुसार: हनुमान जयंती का व्रत और पूजन 1 अप्रैल 2026 को ही किया जाएगा।
घर पर कैसे करें पूजा? (Puja Vidhi at Home)
शुद्धि: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
संकल्प: हाथ में जल लेकर हनुमान जी के व्रत या विशेष पूजन का संकल्प लें।
स्थापना: चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। साथ में राम दरबार की फोटो जरूर रखें।
पंचोपचार पूजन: सिंदूर, चमेली का तेल, अक्षत, फूल और धूप-दीप अर्पित करें।
भोग: बजरंगबली को बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू या रोट का भोग लगाएं।
पाठ: हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें।
आरती: अंत में घी के दीपक से कपूर जलाकर आरती करें।
महत्वपूर्ण नियम और सावधानियां (Important Rules)
ब्रह्मचर्य: इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य है।
सिंदूर का महत्व: हनुमान जी को नारंगी सिंदूर अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है, इससे सुख-समृद्धि आती है।
सात्विकता: पूजा के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का पूरी तरह त्याग करें।
राम नाम का जाप: हनुमान जी राम भक्त हैं, इसलिए उनकी पूजा से पहले या बाद में 'राम' नाम का जाप करना उन्हें शीघ्र प्रसन्न करता है।
आध्यात्मिक महत्व
हनुमान जयंती केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और शक्ति को जाग्रत करने का दिन है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी अष्ट-सिद्धि और नौ निधियों के दाता हैं, जो कलयुग में भी पृथ्वी पर सशरीर मौजूद हैं।