Jharkhand Tender Scam : पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और वीरेंद्र राम पर ED की बड़ी स्ट्राइक,₹86 करोड़ की संपत्ति कुर्क
News India Live, Digital Desk : झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए करोड़ों रुपये के टेंडर कमीशन घोटाले (Tender Commission Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दोनों आरोपियों की ₹86.38 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है।
टेंडर से 'कमीशन' का काला खेल
ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि राज्य में ग्रामीण विकास की योजनाओं के टेंडर आवंटित करने के बदले अधिकारियों और राजनेताओं के बीच एक निश्चित प्रतिशत कमीशन का बंटवारा होता था। इस घोटाले में वीरेंद्र राम मुख्य सूत्रधार की भूमिका में थे, जबकि कमीशन का बड़ा हिस्सा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके करीबियों तक पहुँचता था।
क्या-क्या हुआ कुर्क? (Details of Attached Assets)
ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
आलमगीर आलम: रांची और साहिबगंज में आलीशान फ्लैट, जमीन के प्लॉट और बैंक खातों में जमा करोड़ों की राशि।
वीरेंद्र राम: रांची, दिल्ली, और हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित बेनामी संपत्तियां और निवेश।
लग्जरी गाड़ियाँ और निवेश: कई महंगी कारों और बीमा पॉलिसियों को भी ईडी ने अपने कब्जे में लिया है।
जहांगीर आलम के घर से मिले ₹32 करोड़ का कनेक्शन
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब आलमगीर आलम के निजी सचिव (PS) संजीव लाल के घरेलू सहायक जहांगीर आलम के घर से ईडी ने करीब ₹32 करोड़ कैश बरामद किए थे। ईडी का दावा है कि यह सारा पैसा टेंडर कमीशन से जुटाया गया था, जिसे सुरक्षित रखने के लिए नौकरों और करीबियों के घरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अब आगे क्या?
आलमगीर आलम और वीरेंद्र राम फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। ईडी की इस ताजा कुर्की से अब उनके लिए जमानत पाना और भी मुश्किल हो जाएगा। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस कमीशन के खेल में कुछ और प्रभावशाली लोग या सफेदपोश नेता भी शामिल थे।