झारखंड में काम नहीं तो वेतन नहीं जनवरी में नदारद रहे 4468 डॉक्टरों-कर्मियों पर गिरी गाज

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News India Live, Digital Desk : झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ड्यूटी से नदारद रहने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ 'डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक' शुरू कर दी है। विभाग के ACVMS (Attendance cum Visitor Management System) पोर्टल के विश्लेषण में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जनवरी 2026 में राज्यभर के 4468 डॉक्टर और कर्मचारी एक भी दिन ड्यूटी पर नहीं आए।

चौंकाने वाले आंकड़े (Data Analysis)

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात कुल डॉक्टरों और कर्मियों में से एक बड़ा हिस्सा पूरे महीने गायब रहा:

डॉक्टर (मेडिकल कॉलेज छोड़कर): लगभग 18% (405 डॉक्टर) की उपस्थिति शून्य रही।

स्वास्थ्य कर्मचारी: करीब 15% (3656 कर्मचारी) पूरे जनवरी ड्यूटी पर नहीं आए।

मेडिकल कॉलेज: राज्य के 6 मेडिकल कॉलेजों के 405 डॉक्टर और कर्मचारी भी पूरे महीने नदारद रहे।

हाजिरी नहीं, तो वेतन नहीं (No Attendance, No Salary)

डॉक्टरों और कर्मियों की इस लापरवाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब एसीवीएमएस (ACVMS) पोर्टल को सीधे वेतन भुगतान (Salary System) से लिंक किया जा रहा है।

नया नियम: अब उसी कर्मचारी का वेतन बनेगा, जिसकी उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज होगी।

अनिवार्य पंजीकरण: मॉनिटरिंग से बचने के लिए कई कर्मचारियों ने अभी तक पोर्टल पर निबंधन (Registration) नहीं कराया है, उन्हें अब तत्काल रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश दिया गया है।

लापरवाही पर कड़ी निगरानी

यह स्थिति तब है जब राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। विभाग का मानना है कि बायोमेट्रिक और डिजिटल हाजिरी को वेतन से जोड़ने के बाद अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।