Lawrence Bishnoi के नाम पर मांगी 30 लाख की रंगदारी, वेब सीरीज देख बनाया था खतरनाक प्लान ,लखनऊ पुलिस ने ऐसे किया फेल
News India Live, Digital Desk: राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में एक दवा व्यापारी को धमकाकर रंगदारी मांगने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी उमेश यादव, पीड़ित व्यापारी की ही फर्म का पूर्व सेल्समैन निकला। भारी कर्ज में डूबे उमेश ने अपनी माली हालत सुधारने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का सहारा लिया, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों और पुलिस की मुस्तैदी ने उसके 'वेब सीरीज' से प्रेरित प्लान पर पानी फेर दिया।
क्या है पूरा मामला?
कानपुर रोड स्थित हिंदनगर में 'करुण इंटरप्राइजेज' नाम की दवा फर्म चलाने वाले गौरव बत्रा को 30 जनवरी को एक धमकी भरा पत्र मिला।
धमकी का तरीका: हाथ से लिखे इस पत्र में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 30 लाख रुपये की मांग की गई थी।
चेतावनी: पत्र में साफ लिखा था कि यदि पैसा नहीं मिला, तो कारोबारी और उनके कर्मचारियों को जान से मार दिया जाएगा। दहशत में आए व्यापारी ने 7 फरवरी को सरोजनीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
वेब सीरीज से आया 'क्राइम' का आइडिया
पुलिस पूछताछ में आरोपी उमेश यादव ने चौंकाने वाले खुलासे किए:
कर्ज का बोझ: उमेश ने बैंक से बड़ा लोन ले रखा था, जिसकी किस्तें न भर पाने के कारण वह गहरे तनाव में था।
फिल्मी प्रेरणा: उसने पुलिस को बताया कि उसने कई क्राइम वेब सीरीज और फिल्में देखी थीं, जहाँ गैंगस्टर्स के नाम पर आसानी से पैसा उगाहा जाता था। इसी से प्रेरित होकर उसने अपने पूर्व मालिक को शिकार बनाने की योजना बनाई।
पहचान छिपाने की कोशिश: पत्र देते वक्त उसने हेलमेट और शॉल का सहारा लिया था ताकि सीसीटीवी में उसकी पहचान न हो सके।
पुलिस का 'एक्शन' और गिरफ्तारी
डीसीपी दक्षिण के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की। पुलिस ने जब संदिग्धों की सूची बनाई, तो उमेश यादव का नाम सामने आया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके पास से धमकी देने में इस्तेमाल की गई सामग्री भी बरामद कर ली है।
पुलिस की सलाह: सोशल मीडिया या फिल्मों से प्रेरित होकर इस तरह के शॉर्टकट अपनाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी धमकी मिलने पर डरे नहीं, तुरंत पुलिस को सूचना दें।