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April 14 2026 07:05 am

ट्रंप की ईरान को 'आर-पार' की चेतावनी: 'बातचीत फेल हुई तो हमला पक्का', अमेरिकी युद्धपोत घातक हथियारों से लैस

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वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली ऐतिहासिक शांति वार्ता से ठीक पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि यह बातचीत विफल रहती है, तो अमेरिका कूटनीति का रास्ता छोड़कर सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं, जहाँ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बातचीत के लिए पहुंचने वाले हैं।

अगले 24 घंटे निर्णायक: ट्रंप की सीधी धमकी

न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगले 24 घंटों के भीतर यह साफ हो जाएगा कि ईरान शांति चाहता है या युद्ध। ट्रंप ने सैन्य तैयारियों का हवाला देते हुए बताया:

युद्धपोतों की तैनाती: अमेरिकी युद्धपोतों को सबसे आधुनिक और घातक हथियारों से भरा जा रहा है।

हवाई हमले की तैयारी: ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि बातचीत बेनतीजा रही, तो ईरान पर बड़े स्तर पर हवाई हमले किए जा सकते हैं।

ट्रुथ सोशल पर पोस्ट: ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है। वह केवल अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों (समुद्री रास्तों) पर नियंत्रण दिखाकर दुनिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान की 'सीजफायर' वाली शर्त: बातचीत पर संशय

एक तरफ अमेरिका हमले की धमकी दे रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान ने भी अपने कड़े तेवर दिखाए हैं। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने वार्ता शुरू करने के लिए दो मुख्य शर्तें रखी हैं:

लेबनान में सीजफायर: ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं होता, बातचीत शुरू नहीं होगी।

फ्रीज फंड की बहाली: ईरान ने अमेरिका द्वारा रोके गए अपने फंड्स को तुरंत जारी करने की मांग की है।

जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी दल रवाना

ट्रंप की धमकियों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। वे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसमें जेरेड कुशनर और अन्य वरिष्ठ सलाहकार शामिल हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि "कूटनीति के लिए समय बहुत कम बचा है।"

अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल पर असर

ट्रंप के इस 'वार' और ईरान की 'शर्त' ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है। युद्ध की आशंका बढ़ने से:

क्रूड ऑयल: कच्चे तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।

गोल्ड: अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने फिर से सोने की ओर रुख किया है, जिससे इसकी कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।

निष्कर्ष: इस्लामाबाद में होने वाली यह बैठक अब केवल एक शांति वार्ता नहीं, बल्कि मध्य-पूर्व के भविष्य को तय करने वाली 'अग्निपरीक्षा' बन गई है। यदि अगले 24 घंटों में कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो दुनिया एक बड़े सैन्य संघर्ष की गवाह बन सकती है।