ट्रंप की अनूठी चाल ज़ेलेंस्की से मिलने से पहले पुतिन को किया फोन, आखिर पर्दे के पीछे क्या पक रहा है?

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News India Live, Digital Desk : पूरी दुनिया ये तो जानती है कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी बातों को घुमाते नहीं, बल्कि सीधे एक्शन पर यकीन रखते हैं। हाल ही में एक ऐसा वाक्या हुआ जिसने इंटरनेशनल मीडिया में हलचल पैदा कर दी है। खबर ये है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से अपनी तय मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन मिला दिया।

ये मुलाकात इतनी खास क्यों है?
आम तौर पर डिप्लोमेसी में एक तरीका होता है। अगर आप शांति करवाना चाहते हैं, तो पहले अपने दोस्त या पीड़ित पक्ष (यहाँ यूक्रेन) से बात करते हैं और फिर दूसरे पक्ष (रूस) की तरफ हाथ बढ़ाते हैं। लेकिन ट्रंप ने यहाँ स्क्रिप्ट ही पलट दी। ज़ेलेंस्की से मिलने से पहले पुतिन से बात करना एक बड़ा संकेत है कि ट्रंप रूस को नजरअंदाज करके शांति की बात नहीं करना चाहते।

आखिर फोन पर क्या बात हुई होगी?
हालांकि, इस बातचीत की बारीकियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन सियासी जानकारों का मानना है कि ट्रंप युद्ध खत्म करने का कोई 'मिडल ग्राउंड' (बीच का रास्ता) तलाश रहे हैं। पुतिन से फोन पर बात करने का मतलब साफ़ है कि वो रूस की मांगें और उनकी मंशा को पहले समझ लेना चाहते थे ताकि जब वो ज़ेलेंस्की के सामने बैठें, तो उनके पास कोई ठोस प्रस्ताव हो, न कि सिर्फ कोरी बातें।

ज़ेलेंस्की की चुनौती
अब सबकी निगाहें ज़ेलेंस्की और ट्रंप की होने वाली मुलाकात पर टिकी हैं। ज़ेलेंस्की के लिए स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो गई है, क्योंकि ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वो युद्ध में हो रहे अंधाधुंध खर्च को कम करना चाहते हैं। ज़ेलेंस्की को अब ट्रंप को ये भरोसा दिलाना होगा कि यूक्रेन के हितों से समझौता किए बिना कैसे शांति संभव है।

आम जनता के लिए राहत की बात
अगर इन कॉल्स और मुलाकातों का नतीजा युद्ध विराम के रूप में निकलता है, तो इससे पूरी दुनिया को राहत मिलेगी। पिछले कई सालों से चले आ रहे इस संघर्ष ने न केवल जान-माल का नुकसान किया है, बल्कि दुनियाभर में महंगाई और आर्थिक संकट भी पैदा किया है।

क्या ट्रंप का यह सीधा तरीका रूस और यूक्रेन को एक टेबल पर ला पाएगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तो तय है कि ट्रंप ने अपनी 'पर्दे के पीछे की मेहनत' शुरू कर दी है।