चोरों की अब खैर नहीं ,लखनऊ में पेड़ों की सुरक्षा के लिए आया वन विभाग का मास्टरप्लान

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News India Live, Digital Desk: हम सब जानते हैं कि शहर को हरा-भरा बनाने के लिए पेड़ लगाना कितना जरूरी है। सरकार पौधे लगाती है, उन्हें सुरक्षित रखने के लिए महंगे लोहे के ट्री-गार्ड (Tree Guards) भी लगाती है। लेकिन आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ दिनों बाद पौधा तो शायद बच जाता है, लेकिन उसकी सुरक्षा करने वाला वो लोहे का पिंजरा गायब हो जाता है।

लखनऊ में यह समस्या सिरदर्द बन गई थी। खास तौर पर नशे की लत के शिकार लोग या छोटे-मोटे चोर इन लोहे के गार्ड्स को उखाड़ ले जाते थे और कबाड़ में बेचकर अपना नशा पूरा करते थे। लेकिन अब वन विभाग ने इसका ऐसा इलाज ढूंढा है कि चोरों के मंसूबों पर पानी फिर जाएगा।

अब लगेंगे प्लास्टिक के हाई-टेक ट्री-गार्ड

लखनऊ वन विभाग ने तय किया है कि अब लोहे की जगह प्लास्टिक के ट्री-गार्ड लगाए जाएंगे। सुनने में आपको शायद लगे कि "प्लास्टिक तो कमजोर होता है", लेकिन ऐसा नहीं है। ये खास तरह के हाई-डेन्सिटी प्लास्टिक से बने होते हैं जो मजबूत भी होते हैं और टिकाऊ भी।

इससे दो बड़े फायदे होंगे:

  1. चोरी का खेल ख़त्म: सबसे बड़ा फायदा यह है कि प्लास्टिक के इन गार्ड्स की कबाड़ मार्किट में कोई 'रीसेल वैल्यू' (Resale Value) नहीं है। यानी अगर चोर इसे चुरा भी ले गया, तो कोई कबाड़ी इसे लोहे के भाव में नहीं खरीदेगा। जब फायदा ही नहीं होगा, तो कोई चोरी क्यों करेगा?
  2. जंग से आजादी: लोहे के गार्ड्स में बारिश और धूप से जंग लग जाती थी और वो जल्दी टूट जाते थे। प्लास्टिक में जंग लगने का कोई सवाल ही नहीं उठता। ये सालों-साल चलेंगे और पौधों को सुरक्षा देंगे।

खर्च भी कम, सुरक्षा भी ज्यादा

विभाग का कहना है कि लोहे के मुकाबले ये प्लास्टिक वाले गार्ड्स सस्ते भी पड़ते हैं और इनको लगाना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान है। अक्सर लोहे की जाली से पौधों को चोट भी लग जाती थी या जानवर मुंह फंसा लेते थे, प्लास्टिक गार्ड्स में यह रिस्क भी कम है।

फिलहाल, इसे एक पायलट प्रोजेक्ट की तरह देखा जा रहा है। अगर यह लखनऊ में सफल रहा, तो धीरे-धीरे पूरे यूपी में आपको यही हरे रंग के प्लास्टिक गार्ड्स दिखाई देंगे।

यह एक छोटा सा बदलाव है, लेकिन सरकारी पैसे की बर्बादी रोकने और पेड़ों को बचाने के लिए यह एक बहुत ही समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।