पैसे की तंगी से हैं परेशान? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे गरुड़ पुराण में बताई गई ये 5 बर्बादी वाली गलतियां?

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News India Live, Digital Desk : हम अक्सर सोचते हैं कि गरुड़ पुराण सिर्फ़ मृत्यु या उसके बाद की बातों के लिए है। लेकिन सच तो ये है कि यह ग्रंथ हमें जीने का सही सलीका भी सिखाता है। आपने देखा होगा कि कई लोग दिन-रात एक कर देते हैं, फिर भी उनकी माली हालत सुधरने का नाम नहीं लेती। वहीं कुछ लोग सादगी में भी सुकून और बरकत के साथ रहते हैं।

आख़िर ऐसा क्यों होता है? गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने कुछ ऐसी आदतों का जिक्र किया है, जो साक्षात माँ लक्ष्मी के रुष्ट होने का कारण बनती हैं। अगर आप भी अमीर बनने और घर में सुख-शांति चाहते हैं, तो इन 5 आदतों पर गौर करना ज़रूरी है:

1. गंदे और फटे-पुराने कपड़े पहनना
आज के दौर में हम फैशन के नाम पर कुछ भी पहन लेते हैं, लेकिन गरुड़ पुराण कहता है कि जो इंसान साफ-सफाई से नहीं रहता और जानबूझकर गंदे या दुर्गंध वाले कपड़े पहनता है, लक्ष्मी उससे कोसों दूर रहती हैं। स्वच्छता का मतलब सिर्फ़ नहाना नहीं, बल्कि खुद को व्यवस्थित रखना भी है। साफ़ सुथरा रहना सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) को खींचता है।

2. कड़वा बोलना और दूसरों का अपमान करना
पैसे से आप सब कुछ खरीद सकते हैं, लेकिन मान-सम्मान अपनी जुबान से ही कमाया जाता है। जो व्यक्ति हमेशा दूसरों की बुराई करता है, गुस्से में गालियाँ देता है या अपनों का अनादर करता है, उसके घर में कभी बरकत नहीं होती। मधुर वाणी सिर्फ़ दूसरों को खुश नहीं करती, बल्कि आपके आसपास एक ऐसा माहौल बनाती है जहाँ समृद्धि अपने आप खिंची चली आती है।

3. सूरज डूबने के समय सोना
बचपन में हमें सिखाया जाता था कि "जल्दी सोना, जल्दी जागना," लेकिन हम मोबाइल के दौर में इसे भूल चुके हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, जो स्वस्थ व्यक्ति बिना किसी मजबूरी के दिन के समय या सूर्यास्त (Suryaast) के वक्त सोता है, उसका भाग्य धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है। समय की बर्बादी दरिद्रता का सबसे बड़ा द्वार है।

4. खाने के बर्तनों का सम्मान न करना
कई लोग खाना खाने के बाद जूठी थाली को बिस्तर पर ही छोड़ देते हैं या खाने का अपमान करते हैं। अन्न और रसोई का अपमान साक्षात माता अन्नपूर्णा का निरादर है। गरुड़ पुराण कहता है कि जहाँ अन्न की बर्बादी होती है, वहां लक्ष्मी टिक ही नहीं सकतीं। घर की रसोई को साफ़ और पवित्र रखना साक्षात धन की वृद्धि करने वाला कदम है।

5. लालच और मेहनत से भागना
दुनिया में कोई भी अमीर इंसान रातों-रात गलत रास्तों से कामयाब नहीं हुआ है (और हुआ भी है तो टिका नहीं है)। जो लोग दूसरों का धन हड़पने की फिराक में रहते हैं या मुफ़्त की कमाई का लालच करते हैं, उनकी आर्थिक स्थिति समय के साथ बहुत खराब हो जाती है। गरुड़ पुराण का संदेश साफ़ है ईमानदारी से की गई मेहनत का फल देर से ज़रूर मिल सकता है, लेकिन वह स्थाई (Permanent) होता है।