जयपुर हाईकोर्ट में फिर मचा हड़कंप लगातार चौथी बार मिली बम से उड़ाने की धमकी

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News India Live, Digital Desk: गुलाबी नगरी की शांति को न जाने किसकी नज़र लग गई है। राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर बेंच) में आज फिर वही ड्रामा हुआ जो पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहा है। अगर आप हाईकोर्ट के आस-पास से गुजरे होंगे, तो आपने पुलिस की गाड़ियाँ, सायरन और भीड़-भाड़ जरूर देखी होगी।

जी हाँ, खबर है कि एक बार फिर, यानी चौथी बार, जयपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह सुनते ही पूरा कोर्ट परिसर खाली करा लिया गया और कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

आइये, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आज कोर्ट में क्या हुआ और पुलिस इस मामले में क्या कर रही है।

"ईमेल ने फिर उड़ाई नींद"
सोमवार की सुबह सब कुछ सामान्य चल रहा था। जज साहब अपनी कुर्सियों पर थे और वकील अपनी दलीलों में व्यस्त थे। तभी प्रशासन को एक ईमेल या सूचना मिली जिसमें दावा किया गया कि हाईकोर्ट बिल्डिंग में बम रखा गया है।

बस फिर क्या था! जैसे ही यह खबर फैली, पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस ने माइक से अनाउंसमेंट किया और सभी को—जज, वकील, कोर्ट स्टाफ और मुवक्किलों को—तुरंत इमारत खाली करने को कहा।

रोज का ड्रामा या गंभीर साजिश?
यह बात चिंताजनक इसलिए है क्योंकि पिछले कुछ ही दिनों में यह चौथी बार है जब ऐसी धमकी मिली है।

  • लोग अब आपस में बात करने लगे हैं कि "क्या यह कोई भद्दा मजाक चल रहा है?"
  • बार-बार धमकी मिलने से अदालती कामकाज (Judicial Work) का बहुत नुकसान हो रहा है। दूर-दराज से आए लोग, जिनकी आज तारीख थी, वो निराश होकर बाहर खड़े तमाशा देखने को मजबूर हैं।

पुलिस ने संभाला मोर्चा
धमकी मिलते ही जयपुर पुलिस का बम डिस्पोजल स्क्वायड (BDS) और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने पूरी बिल्डिंग को घेरे में ले लिया है और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। हर बार की तरह, हो सकता है कि यह भी एक झूठी अफवाह (Hoax) निकले, लेकिन पुलिस सुरक्षा के मामले में कोई रिस्क (Risk) नहीं ले सकती।

आखिर कौन है इसके पीछे?
पुलिस की साइबर सेल जांच में जुटी हुई है। पिछली धमकियों में पता चला था कि ईमेल विदेशी सर्वर का इस्तेमाल करके भेजे जा रहे हैं ताकि पकड़े न जा सकें। लेकिन सवाल यह है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए उस सिरफिरे को पकड़ना इतना मुश्किल क्यों हो रहा है?

हमारी राय
दोस्तों, ऐसी झूठी धमकियाँ सिर्फ पुलिस को परेशान नहीं करतीं, बल्कि उन हजारों लोगों का वक्त बर्बाद करती हैं जो न्याय की आस में कोर्ट आते हैं। यह एक गंभीर अपराध है। हम उम्मीद करते हैं कि जयपुर पुलिस जल्द ही इस 'शरारती तत्व' को बेनकाब करेगी ताकि कोर्ट का काम फिर से शांति से चल सके।