पीरियड्स का दर्द और खराब पोस्चर, जिम जाने की ज़रूरत नहीं, ये एक योगासन हर महिला के लिए है ज़रूरी
News India Live, Digital Desk : भुजंगासन का नाम 'भुजंग' यानी सांप (कोबरा) से लिया गया है। जिस तरह सांप अपना फन उठाकर फुर्तीला बना रहता है, यह आसन भी आपकी रीढ़ की हड्डी और शरीर को वैसा ही लचीलापन देता है।
1. पीरियड क्रैम्प्स और हार्मोनल बैलेंस
महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाला असहनीय दर्द और 'मूड स्विंग्स' एक बड़ी समस्या है। भुजंगासन करते समय जब आप पीछे की ओर झुकती हैं, तो आपके पेट और पेल्विक एरिया (pelvic region) की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। यह खिंचाव गर्भाशय (uterus) की मसल्स को रिलैक्स करता है और शरीर में रक्त संचार बेहतर करता है, जिससे पीरियड्स की समस्याओं में राहत मिलती है।
2. बैठने वाली जॉब और कमर दर्द से मुक्ति
अगर आप दिन भर कंप्यूटर के सामने बैठी रहती हैं, तो कंधों का झुकना और लोअर बैक पेन होना लाजिमी है। भुजंगासन आपकी स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) को मज़बूत बनाता है और गलत पोस्चर को सुधारता है। इसे रोज़ाना करने से कमर का लचीलापन बढ़ता है और भविष्य में होने वाले डिस्क पेन का खतरा कम हो जाता है।
3. स्ट्रेस और चिंता को कहे बाय-बाय
आजकल की भागदौड़ मानसिक थकान बहुत देती है। भुजंगासन 'चेस्ट ओपनर' आसन है। जब आप सांस भरते हुए ऊपर उठती हैं, तो फेफड़े खुलते हैं और ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है। इससे मन शांत होता है, एंग्जायटी कम होती है और आप पूरे दिन ज़्यादा पॉजिटिव महसूस करती हैं।
4. पेट की चर्बी और टोनिंग
जिम की भारी मशीनों के बिना भी पेट को टोन किया जा सकता है। यह आसन सीधे आपके एब्डोमिनल मसल्स पर काम करता है। अगर नियमित रूप से इसे किया जाए, तो यह पाचन तंत्र को भी सुधारता है और पेट की अतिरिक्त चर्बी को धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है।
इसे करने का सबसे आसान तरीका (Method)
- जमीन पर पेट के बल लेट जाएं।
- अपनी हथेलियों को कंधों के पास रखें।
- लंबी गहरी सांस भरते हुए शरीर के अगले हिस्से (नाभि तक) को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं।
- आसमान की तरफ देखें और कुछ सेकंड इसी स्थिति में रुकें।
- फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में लौट आएं। इसे 3 से 5 बार दोहराएं।
एक ज़रूरी सलाह:
अगर आप प्रेग्नेंट हैं या आपको पेट की कोई बड़ी सर्जरी हुई है, तो बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसे न करें। साथ ही, योगासन हमेशा खाली पेट या खाने के कम से कम 3-4 घंटे बाद ही करने चाहिए।
खुद के लिए निकाला गया ये 5 मिनट का समय आपके आने वाले कई सालों को बेहतर बना सकता है। तो बस, कल सुबह की शुरुआत इसी एक आसन से करके देखिये, फर्क आपको खुद महसूस होगा।