Nepal Election Results 2026 : बालेन शाह सुनामी में उड़े पुराने दिग्गज क्या बहुमत की ओर बढ़ती RSP भारत के लिए बनेगी चुनौती?
News India Live, Digital Desk : नेपाल की सत्ता के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। रैपर से राजनेता बने बालेन शाह (Balendra Shah) की 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) ने नेपाल की राजनीति में वह कर दिखाया है जिसकी कल्पना अनुभवी पंडितों ने भी नहीं की थी। शुरुआती रुझानों और नतीजों में RSP एकतरफा बढ़त बनाए हुए है, जिससे शेर बहादुर देउबा और केपी शर्मा ओली जैसे कद्दावर नेताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई है।
दिग्गजों का 'सफाया', नए चेहरे का 'उदय'
नेपाल में हुए इस आम चुनाव को 'Gen Z चुनाव' कहा जा रहा है। काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने खुद पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के गढ़ 'झापा-5' में उन्हें कड़ी टक्कर देकर सबको चौंका दिया है।
नेपाली कांग्रेस और CPN-UML पस्त: कई दशकों से सत्ता पर काबिज पार्टियों के बड़े चेहरे अपनी सीटें बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बहुमत का आंकड़ा: अगर मौजूदा रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो RSP नेपाल के इतिहास में पहली बार बिना किसी बड़े गठबंधन के बहुमत के करीब पहुँच सकती है।
भारत-नेपाल संबंधों पर क्या होगा असर?
बालेन शाह और उनकी पार्टी की संभावित जीत ने दिल्ली के राजनयिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। बालेन शाह को एक 'कट्टर राष्ट्रवादी' और 'प्रैग्मैटिक' नेता माना जाता है।
सीमा विवाद और संधियां: बालेन शाह अतीत में 'ग्रेटर नेपाल' और सीमा संबंधी मुद्दों पर मुखर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वे भारत के साथ 1950 की संधि और कालापानी जैसे मुद्दों पर कड़ा रुख अपना सकते हैं।
चीन का फैक्टर: भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होगी कि क्या बालेन शाह का झुकाव बीजिंग की तरफ होगा या वे एक स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति अपनाएंगे।
युवा आकांक्षाएं: बालेन का पूरा फोकस रोजगार और भ्रष्टाचार पर है, ऐसे में वे भारत के साथ आर्थिक और जलविद्युत (Hydropower) समझौतों को नई शर्तों पर आगे बढ़ा सकते हैं।
क्यों फेल हुई 'पुरानी राजनीति'?
नेपाल की जनता पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें देख चुकी है। अस्थिरता, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से तंग आकर युवाओं ने 'पुराने चावलों' के बजाय एक ऐसे इंजीनियर-रैपर को चुना है जो सोशल मीडिया पर सीधा संवाद करता है। बालेन शाह की जीत केवल एक पार्टी की जीत नहीं, बल्कि नेपाल के पुराने सियासी तंत्र की हार मानी जा रही है।
भविष्य की राह: अस्थिरता या नया सवेरा?
अगर RSP को पूर्ण बहुमत मिलता है, तो नेपाल में वर्षों से चली आ रही गठबंधन सरकारों की अस्थिरता खत्म हो सकती है। हालांकि, बालेन शाह के पास राष्ट्रीय स्तर पर सरकार चलाने का अनुभव नहीं है, जो उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। क्या वे नेपाल को एक नई दिशा दे पाएंगे या फिर 'किंग मेकर' की भूमिका में सिमट जाएंगे?