ईरान-अमेरिका जंग के बीच भारत को बड़ी राहत ट्रंप सरकार ने दी रूसी तेल खरीदने की छूट, जानें क्या है 30 दिनों का गेमप्लान
News India Live, Digital Desk पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते युद्ध के बीच भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत की खबर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मचे हड़कंप के बीच, ट्रंप प्रशासन ने भारत को बड़ी राहत दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट (Exemption) दे दी है। इस फैसले का मकसद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को आसमान छूने से रोकना है।
हॉर्मुज की घेराबंदी और 'फँसे हुए' जंगी हालात
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग के कारण दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता 'हॉर्मुज' लगभग ठप पड़ गया है।
38 भारतीय जहाज फंसे: सूत्रों के मुताबिक, करीब 200 से ज्यादा जहाज इस समुद्री रास्ते में फंसे हुए हैं, जिनमें 38 भारतीय टैंकर भी शामिल हैं।
ईरान की धमकी: ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हॉर्मुज से गुजरने वाले अमेरिकी और इजरायली जहाजों को निशाना बनाएगा, जिससे तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है।
आखिर अमेरिका ने क्यों दी रूस से तेल खरीदने की छूट?
आम तौर पर रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाला अमेरिका इस बार नरम पड़ता दिख रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल उन रूसी तेल कार्गो के लिए है जो 5 मार्च 2026 से पहले जहाजों पर लादे जा चुके थे और अभी समुद्र में फंसे हुए हैं।
सप्लाई स्थिर रखना: अमेरिका नहीं चाहता कि खाड़ी में युद्ध की वजह से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बेकाबू हों।
भारत-अमेरिका साझेदारी: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रंप प्रशासन ने यह 'स्टॉप-गैप' व्यवस्था की है।
शर्त भी जुड़ी है: अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि इस 30 दिन की राहत के बाद वह उम्मीद करता है कि भारत अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा: कितनी मजबूत है तैयारी?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% तेल खाड़ी देशों से मंगाता है, जो हॉर्मुज के रास्ते आता है।
25 दिनों का रिजर्व: भारत के पास फिलहाल 25 दिनों की मांग को पूरा करने का तेल रिजर्व (Strategic Reserves) मौजूद है।
विकल्पों की तलाश: खाड़ी में संकट को देखते हुए भारतीय रिफाइनरियां (जैसे IOCL, BPCL) अब रूस और लैटिन अमेरिकी देशों से तत्काल तेल मंगाने की तैयारी में हैं।
क्या अप्रैल के बाद फिर बढ़ेंगी मुश्किलें?
यह छूट केवल 4 अप्रैल 2026 तक के लिए वैध है। अगर तब तक ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध नहीं थमा, तो भारत को ऊर्जा के नए स्रोतों की तलाश और तेज करनी होगी। फिलहाल, इस 30 दिन की मोहलत ने भारत को एक बड़ा 'ब्रीदिंग स्पेस' दे दिया है, जिससे घरेलू बाजार में तेल की कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है।