ट्रंप की हत्या की साजिश में पाकिस्तानी आतंकी आसिफ मर्चेंट दोषी करार ईरान के IRGC से जुड़े थे तार, खुला बड़ा राज
News India Live, Digital Desk : दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में शुमार डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने वाले पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट (Asif Merchant) को अमेरिकी अदालत ने दोषी करार दिया है। इस खुलासे ने न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया को चौंका दिया है। जांच में सामने आया है कि इस खतरनाक साजिश के तार सीधे तौर पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़े हुए थे।
कैसे रची गई थी 'असंभव' हत्या की साजिश?
संघीय अभियोजकों (Federal Prosecutors) के अनुसार, 46 वर्षीय आसिफ मर्चेंट ने अमेरिका में घुसकर ट्रंप और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों की हत्या के लिए 'हिटमैन' (किराए के कातिल) को काम पर रखने की कोशिश की थी।
जाल में फंसा आतंकी: मर्चेंट जिसे अपना मददगार समझ रहा था, वह दरअसल अमेरिकी जांच एजेंसी FBI का एक अंडरकवर एजेंट था।
साजिश का मकसद: माना जा रहा है कि यह साजिश 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी।
ईरान के 'डेथ स्क्वाड' से संबंध का खुलासा
कोर्ट में पेश दस्तावेजों से पता चला है कि आसिफ मर्चेंट के पास पाकिस्तान और ईरान की दोहरी नागरिकता जैसी संदिग्ध क्रेडेंशियल्स थीं। वह लंबे समय तक ईरान में रहा और वहीं से उसे इस 'असाइनमेंट' के लिए तैयार किया गया था। मर्चेंट ने 'हिटमैन' को एडवांस पेमेंट भी कर दी थी और उसे अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में काम पूरा करने का निर्देश दिया था।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी ने टाला बड़ा संकट
अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। FBI के डायरेक्टर ने कहा कि आसिफ मर्चेंट की गिरफ्तारी ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय त्रासदी को टाल दिया है। इस घटना के बाद से डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को 'सुपर-मैक्स' लेवल पर बढ़ा दिया गया है, खासकर उनके चुनावी दौरों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान।
पाकिस्तान और ईरान पर बढ़ेगा कूटनीतिक दबाव?
इस फैसले के बाद पाकिस्तान और ईरान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अमेरिका पहले ही ईरान पर आतंकवाद को प्रायोजित करने के आरोप लगाता रहा है। अब एक पाकिस्तानी नागरिक का ईरान के इशारे पर अमेरिकी धरती पर हमला करने की कोशिश करना, दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के समीकरणों को बदल सकता है।