पहाड़ों से ज़्यादा मैदानी इलाकों में ठिठुरन,आखिर क्यों बिहार अब जम्मू से भी ज़्यादा ठंडा हो गया है?

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News India Live, Digital Desk : सर्दियों का मौसम सबको अच्छा लगता है, लेकिन इस बार बिहार में कुदरत के मिजाज ने सबको हैरान कर दिया है। एक समय था जब लोग ठंड का लुत्फ उठाने के लिए कश्मीर या जम्मू का रुख करते थे, पर फिलहाल स्थिति यह है कि हमारा बिहार जम्मू से भी ज्यादा ठंडा महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि बिहार के कई जिलों में पारा इतनी तेजी से नीचे गिरा है कि उसने पहाड़ों की ठंड को भी पीछे छोड़ दिया है।

बिहार में 'ऑरेंज अलर्ट' का मतलब क्या है?

मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका सीधा सा मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड और घना कोहरा आपके सफर और कामकाज में खलल डाल सकता है। सुबह-सुबह विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम हो रही है कि सड़कों पर गाड़ियां चलाना दूभर हो गया है। साथ ही, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं ने 'शीतलहर' की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे रात ही नहीं बल्कि दिन में भी कंपकंपी महसूस हो रही है।

जम्मू से ठंडा क्यों है बिहार?

यह सुनकर थोड़ा अजीब लगता है कि हिमालय की गोद में बसा जम्मू-कश्मीर बिहार से कम ठंडा कैसे हो सकता है? दरअसल, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। पहाड़ों से छनकर आने वाली ठंडी हवाएं बिहार के मैदानी इलाकों में आकर थम जाती हैं। कोहरे की चादर के कारण सूरज की किरणें जमीन तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे 'डे कोल्ड' (दिन की कड़क ठंड) वाली स्थिति बनी हुई है। पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

आम जनजीवन पर इसका असर

ठंड की इस मार का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और कामगारों पर पड़ा है। कड़ाके की ठंड के चलते स्कूल और कॉलेज के समय में बदलाव किए गए हैं। वहीं, कोहरे की वजह से लंबी दूरी की ट्रेनें और फ्लाइट्स भी अपने तय समय से घंटों की देरी से चल रही हैं। पटना के फुटपाथों और रेलवे स्टेशनों पर लोगों का सहारा अब बस अलाव ही बचा है।

थोड़ी सी सावधानी, बड़ी सुरक्षा

ऐसे मौसम में सेहत का ख्याल रखना सबसे ज़रूरी है। कोशिश करें कि बहुत ज़रूरी होने पर ही अलसुबह या देर रात घर से निकलें। गर्म कपड़ों का साथ न छोड़ें और गुनगुना पानी पीते रहें। ड्राइविंग करते समय 'फॉग लाइट्स' का इस्तेमाल ज़रूर करें क्योंकि घना कोहरा कभी भी घातक हो सकता है।

मौसम का यह तेवर फिलहाल कुछ दिन और जारी रहने की संभावना है। आने वाले हफ्ते में तापमान में और भी कमी देखी जा सकती है। तो बस, कंबल में दुबके रहें और अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखें।

आप इस कड़ाके की ठंड का सामना कैसे कर रहे हैं? क्या आपके इलाके में भी जम्मू जैसी ठंड है? कमेंट में हमें अपना हाल ज़रूर बताएं।