युद्ध के मुहाने पर थी दुनिया? ट्रंप बोले भारत बहुत गुस्से में था, मैंने बीच में आकर परमाणु तबाही रोक दी

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News India Live, Digital Desk: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी बेबाक और बड़ी-बड़ी बातें करने के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने एक ऐसा दावा किया है जिसने न केवल अमेरिका, बल्कि भारत और पाकिस्तान की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। एक इंटरव्यू (पॉडकास्ट) के दौरान ट्रंप ने उस दौर का जिक्र किया जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर था, और दावा किया कि अगर वो बीच-बचाव न करते, तो एक भयंकर परमाणु युद्ध हो सकता था।

"पाकिस्तानी पीएम ने कहा- आपने लाखों जान बचा ली"

डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत में बताया कि पाकिस्तान के एक प्रधानमंत्री (इशारा इमरान खान की तरफ माना जा रहा है) ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा था "आपने कम से कम 1 करोड़ लोगों की जान बचाई है।"

ट्रंप के मुताबिक, यह वाकया उस वक्त का है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हालात "बेहद नाजुक" थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद के तनाव की बात कर रहे हैं। उस वक्त भारत काफी आक्रामक मूड में था और पाकिस्तान खौफ के साये में जी रहा था।

भारत का गुस्सा और वो 'सीक्रेट' कॉल

ट्रंप ने अपने खास अंदाज में बताया कि उन्होंने देखा कि "भारत उस वक्त कुछ बहुत बड़ा करने की तैयारी में था।" उन्होंने कहा कि भारत इतना गुस्से में था कि पाकिस्तान के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था। तब उन्होंने भारत को फोन मिलाया।

सोशल मीडिया और चर्चाओं में इसे 'ऑपरेशन' से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने भारत को थोड़ा शांत किया और पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि वे अपनी हरकतों से बाज आएं। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से ही दोनों देशों के बीच "सदियों पुराना झगड़ा" उस रात बड़े युद्ध में नहीं बदला।

सच क्या है?

वैसे, डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन यह बात तो हम सब जानते हैं कि पुलवामा हमले के बाद भारत का रुख बेहद सख्त था। अभिनन्दन की वापसी से लेकर बालाकोट तक, भारत ने दुनिया को दिखा दिया था कि वो चुप बैठने वाला नहीं है।

ट्रंप का यह बयान यह तो साबित करता ही है कि उस वक्त दुनिया के सबसे ताकतवर देश (अमेरिका) को भी यह डर सता रहा था कि अगर मोदी सरकार ने 'हरी झंडी' दे दी होती, तो पाकिस्तान का नक्शा बदल सकता था। अब ट्रंप के इस दावे में कितनी सच्चाई है, यह तो वो ही जानें, लेकिन इसने कूटनीति के गलियारों में बहस जरूर छेड़ दी है।