पुरखों का वो सीक्रेट जो आज भी काम करता है,जानिए क्यों तनाव भरे जीवन में रामबाण है सूर्य स्तोत्र का पाठ

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News India Live, Digital Desk: हम सबकी ज़िंदगी में कभी न कभी ऐसा दौर आता है जब हमें लगता है कि सब कुछ हमारे खिलाफ जा रहा है। आत्मविश्वास डगमगाने लगता है, शरीर में वो ऊर्जा नहीं रहती और मन अजीब सी घबराहट में रहता है। ऐसे में हम अक्सर महंगे इलाज या महंगी सलाहों की तरफ दौड़ते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे बड़े-बुजुर्गों के पास एक ऐसी 'मेंटल और फिजिकल डाइट' थी जिसे वो मुफ्त में रोज़ आज़माते थे?

जी हाँ, हम बात कर रहे हैं भगवान सूर्य की उपासना की। सूरज सिर्फ़ आग का गोला नहीं है, बल्कि वह ऊर्जा और अनुशासन का सबसे बड़ा स्रोत है। और इस ऊर्जा को अपने भीतर उतारने का जरिया हैं—'सूर्य स्तोत्र' और 'सूर्य रक्षा कवच'।

क्या है ये 'रक्षा कवच' और ये कैसे काम करता है?
आज के दौर में हम अपनी प्राइवेसी के लिए पासवर्ड लगाते हैं, अपनी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाते हैं, लेकिन अपनी 'ऊर्जा' को बचाने के लिए क्या करते हैं? 'सूर्य रक्षा कवच' एक प्राचीन मंत्र संग्रह है। इसे पढ़ते वक्त हम ये संकल्प करते हैं कि हमारी आँखों में, हमारे विचारों में और हमारी रूह में वो तेज (Glow) बना रहे जो सूरज में होता है।

सीधी भाषा में कहें तो यह एक ऐसी प्रार्थना है जो हमारे मन के भीतर की नकारात्मकता और 'मैं हार जाऊँगा' वाले डर को धीरे-धीरे खत्म करती है।

सूर्य स्तोत्र का पाठ: एक सुकून भरी सुबह के लिए
अक्सर हम रविवार (Sunday) को सिर्फ सोने और आलस करने का दिन मान लेते हैं। लेकिन प्राचीन मान्यताओं में रविवार का दिन 'ऊर्जा रिचार्ज' करने का दिन है। जब आप 'सूर्य स्तोत्र' का पाठ करते हैं, तो इसके अक्षरों की ध्वनि आपके मन को शांत करती है।

जानकार कहते हैं कि अगर आपकी आँखें कमज़ोर हो रही हों या आपको बार-बार बीमारियों का डर सताता हो, तो सूर्य देव की स्तुति एक ऐसी एक्सरसाइज है जो बिना जिम जाए आपको भीतर से मजबूत बनाती है।

कैसे करें शुरुआत? कोई भारी तामझाम नहीं!
धर्म का मतलब मुश्किल नियमों में बंधना नहीं है। आप बहुत सरल तरीके से भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं:

  • सुबह जल्दी उठकर सिर्फ एक लोटा ताज़ा जल सूर्य देव को चढ़ाएं।
  • नहा-धोकर शांत मन से किसी भी आसन पर बैठ जाएं।
  • सूर्य स्तोत्र का पाठ या सूर्य रक्षा कवच का श्रवण (सुनना) करें।
  • कोशिश करें कि इन मंत्रों के 'अर्थ' को महसूस करें। जब आप जान लेते हैं कि किस मंत्र का क्या मतलब है, तो वो सीधे आपके दिल पर असर करता है।

इसका असर क्या होगा?
एक हफ्ता इसे आज़माकर देखिए। आप महसूस करेंगे कि आपकी आवाज़ में वजन आने लगा है, आपकी काम करने की स्पीड बढ़ गई है और सबसे बड़ी बात—वो डर कम होने लगा है जो आपको रिस्क लेने से रोकता था।

याद रखिये, जो रोज उगता है और दुनिया को रोशनी देता है, वही आपको भी रास्ता दिखा सकता है। आस्था के इस छोटे से कदम से आप अपनी बिखरी हुई ज़िंदगी को फिर से एक सही लय (Rhythm) दे सकते हैं।

कल की सुबह से ही शुरू कीजिए, क्योंकि आपकी हिम्मत आपके अपने भीतर छिपी है।