Shool Movie Facts : रिलीज के वक्त फ्लॉप लेकिन आज है कल्ट क्लासिक, जानें 7.7 IMDb रेटिंग वाली उस फिल्म की कहानी
News India Live, Digital Desk: भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में रही हैं जो अपने समय से काफी आगे थीं। बॉक्स ऑफिस पर तो वे कमाल नहीं कर पाईं, लेकिन समय के साथ दर्शकों ने उन्हें 'महान फिल्मों' की श्रेणी में खड़ा कर दिया। ऐसी ही एक फिल्म है साल 1999 में आई 'शूल' (Shool)।
मनोज बाजपेयी की बेमिसाल अदाकारी और अनुराग कश्यप की धारदार लिखावट से सजी यह फिल्म आज भी पुलिस-भ्रष्टाचार-राजनीति के गठजोड़ को दिखाने वाली सबसे ईमानदार फिल्म मानी जाती है।
बॉक्स ऑफिस पर क्यों 'शूल' रह गई थी पीछे?
5 नवंबर 1999 को रिलीज हुई 'शूल' का बजट करीब 5 करोड़ रुपये था। फिल्म ने भारत में लगभग 8.45 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई की, लेकिन उस समय के लिहाज से इसे बॉक्स ऑफिस पर 'फ्लॉप' करार दिया गया था।
कड़वा सच: फिल्म की कहानी बिहार की राजनीति और अपराध के वास्तविक चित्रण पर आधारित थी, जो उस समय के मुख्यधारा के दर्शकों के लिए काफी 'डार्क' और 'हिंसक' थी।
मुकाबला: उस दौर में रोमांटिक और मसाला फिल्मों का बोलबाला था, जिसके कारण इस गंभीर ड्रामा को शुरुआत में अपेक्षित दर्शक नहीं मिले।
नवाजुद्दीन और राजपाल यादव ने किए थे छोटे रोल
फिल्म 'शूल' को अगर आज देखा जाए तो इसमें आपको बॉलीवुड के कई मौजूदा दिग्गजों की झलक देखने को मिलेगी।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी: इस फिल्म में नवाजुद्दीन ने एक वेटर का बहुत छोटा रोल निभाया था। आज वे ग्लोबल स्टार हैं, लेकिन तब वे अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
राजपाल यादव: कॉमेडी के बादशाह राजपाल यादव इस फिल्म में एक कुली की भूमिका में नजर आए थे।
सयाजी शिंदे: विलेन 'बच्चू यादव' के रूप में सयाजी शिंदे ने ऐसा खौफ पैदा किया कि उनका किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे क्रूर विलेन्स में गिना जाता है।
नेशनल अवॉर्ड और 7.7 IMDb रेटिंग का गौरव
[Image representing the National Film Award trophy and IMDb logo] भले ही फिल्म ने थिएटर में पैसे कम कमाए हों, लेकिन इसे क्रिटिक्स का भरपूर प्यार मिला।
राष्ट्रीय सम्मान: फिल्म 'शूल' को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला।
IMDb का प्यार: आज इंटरनेट पर इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.7 है, जो 'सिंघम' और 'दबंग' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से भी बेहतर है।
मनोज बाजपेयी का जलवा: इस फिल्म के लिए मनोज बाजपेयी को फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर (क्रिटिक्स) अवॉर्ड दिया गया था।
रवीना टंडन से पहले जूही चावला थीं पसंद?
एक रोचक तथ्य यह भी है कि फिल्म में मंजरी (पुलिस अफसर की पत्नी) के किरदार के लिए पहले जूही चावला को साइन किया गया था। लेकिन शूटिंग से ठीक पहले उन्हें चोट लग गई, जिसके बाद रवीना टंडन को कास्ट किया गया। रवीना ने इस फिल्म में अपनी ग्लैमरस छवि को छोड़कर एक साधारण गृहिणी का जो रोल निभाया, उसने उनके करियर को नई दिशा दी।