UP Politics : अखिलेश यादव का सीएम योगी पर 'चश्मा' वार वीडियो शेयर कर पूछा यूपी वाले पूछ रहे, काला चश्मा इतना क्यों भाया है

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की सियासत में 'रंगोत्सव' के बहाने जुबानी जंग तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो शेयर करते हुए उनके 'काले चश्मे' को लेकर तंज कसा है। अखिलेश के इस वार ने सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा छेड़ दी है कि आखिर सीएम योगी को यह नया लुक इतना क्यों भा रहा है।

अखिलेश यादव का शायराना और तीखा तंज

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अक्सर सोशल मीडिया पर सीएम योगी के फैसलों और स्टाइल पर हमलावर रहते हैं। इस बार उन्होंने मुख्यमंत्री का एक वीडियो साझा किया, जिसमें योगी आदित्यनाथ काले चश्मे में नजर आ रहे हैं। अखिलेश ने वीडियो के साथ लिखा:

"यूपी वाले पूछ रहे हैं कि काला चश्मा इतना क्यों भाया है? क्या कुछ छिपाना है या फिर नजरिया ही बदल गया है?"

होली के मौके पर दिखा सीएम का 'स्वैग'

दरअसल, यह वीडियो होली के कार्यक्रम के दौरान का बताया जा रहा है।

रंगोत्सव की धूम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और अन्य जगहों पर होली के उत्सव में भाग लिया। इस दौरान वे धूप से बचने या उत्सव के माहौल के अनुरूप 'काले चश्मे' में नजर आए।

सोशल मीडिया पर वायरल: सीएम का यह नया अवतार उनके समर्थकों को काफी पसंद आया और इसे 'योगी का स्वैग' कहकर शेयर किया जाने लगा। इसी को आधार बनाकर अखिलेश यादव ने अपनी सियासी पिच तैयार की।

"कपड़ों से कोई योगी नहीं बनता" - अखिलेश का प्रहार

अखिलेश ने केवल चश्मे पर ही बात नहीं की, बल्कि 'योगी' होने की परिभाषा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने गीता का हवाला देते हुए कहा:

दर्द का अहसास: "गीता स्पष्ट रूप से कहती है कि जो दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझे, वही असली योगी है।"

वेशभूषा बनाम कर्म: उन्होंने तंज कसा कि केवल विशेष रंग के कपड़े पहनने या एक्सेसरीज (चश्मा) बदलने से कोई जनहितैषी नहीं बन जाता।

भाजपा का पलटवार: "नजरिया बदलिए, चश्मा नहीं"

भाजपा समर्थकों और प्रवक्ताओं ने अखिलेश के इस ट्वीट पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है।

विकास का चश्मा: भाजपा का कहना है कि सपा प्रमुख को विकास देखने के लिए अपना नजरिया बदलने की जरूरत है।

होली का आनंद: भाजपा समर्थकों ने तर्क दिया कि त्यौहार के मौके पर हर कोई आनंद लेता है और इसे राजनीति का मुद्दा बनाना अखिलेश की 'हताशा' को दर्शाता है।