आमिर और प्रसून जोशी की जोड़ी का बड़ा खुलासा रंग दे बसंती से लेकर 'तारे ज़मीन पर' तक, साथ मिलकर लिखे यादगार नगमे
News India Live, Digital Desk: आमिर खान और प्रसून जोशी का साथ केवल प्रोफेशनल नहीं, बल्कि बहुत गहरा और रचनात्मक रहा है। आमिर अपनी फिल्मों के हर पहलू में परफेक्शन चाहते हैं, और प्रसून जोशी के शब्दों ने आमिर के उन किरदारों में जान फूँकने का काम किया है।
30 गानों का सफर: 'फना' से शुरू हुई थी दास्तां
प्रसून जोशी ने साझा किया कि उन्होंने आमिर खान की फिल्मों के लिए अब तक 30 से भी ज्यादा गाने लिखे हैं।
शुरुआत: इनकी जोड़ी का जादू सबसे पहले फिल्म 'फना' (2006) में दिखा था, जिसके गाने 'चांद सिफारिश' और 'मेरे हाथ में' आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
रचनात्मक चर्चा: प्रसून ने बताया कि आमिर खान केवल गाना सुनते नहीं हैं, बल्कि वे शब्दों के चयन और उसके पीछे की भावना को समझने के लिए घंटों चर्चा करते हैं।
'तारे ज़मीन पर' और 'रंग दे बसंती' की विरासत
इन दोनों की जुगलबंदी ने समाज को आईना दिखाने वाली फिल्मों में संगीत का एक नया स्तर सेट किया:
रंग दे बसंती: 'पाठशाला' और 'खलबली' जैसे गानों ने युवाओं में देशभक्ति और बदलाव की एक नई लहर पैदा की थी।
तारे ज़मीन पर: इस फिल्म का टाइटल ट्रैक और 'माँ' गाना आज भी हर किसी की आँखों में आँसू ला देता है। प्रसून जोशी ने बताया कि इन गानों को लिखने के लिए आमिर ने उन्हें पूरी रचनात्मक आजादी दी थी।
आमिर खान का परफेक्शन और प्रसून की कलम
आमिर खान ने प्रसून जोशी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रसून ऐसे गीतकार हैं जो कहानी की रूह को पकड़ लेते हैं।
"प्रसून के पास शब्दों का ऐसा खजाना है जो साधारण बात को भी असाधारण बना देता है। हमने घंटों बैठकर शब्दों पर बहस की है, तब जाकर वो जादू पैदा हुआ जिसे दुनिया ने सुना।"
क्या फिर साथ दिखेगी यह जोड़ी?
फैंस के लिए अच्छी खबर यह है कि आमिर खान के आने वाले प्रोजेक्ट्स में भी प्रसून जोशी के गीतों का जादू सुनने को मिल सकता है। चर्चा है कि आमिर की अगली फिल्म, जो एक सामाजिक मुद्दे पर आधारित हो सकती है, के लिए प्रसून ने पहले ही कुछ "पावरफुल" पंक्तियां लिख ली हैं।