एंड्रॉइड का राज खत्म? iPhone 16 ने भारतीय बाजार में जो कर दिखाया, उसने सबको सन्न कर दिया

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News India Live, Digital Desk : वो दिन याद है? जब हमारे हाथ में अक्सर 15-20 हजार रुपये का एक बजट एंड्रॉइड फोन होता था और उसे ही सबसे समझदारी भरा चुनाव माना जाता था। सालों से भारतीय स्मार्टफोन बाजार की यही कहानी रही है कम बजट, ज्यादा फीचर्स और एंड्रॉइड की धाक। लेकिन 2025 आते-आते हवा का रुख इतनी तेजी से बदलेगा, इसकी उम्मीद शायद किसी भी एक्सपर्ट ने नहीं की थी।

ताजा रिपोर्ट जो सामने आई है, वह सच में चौंकाने वाली है। 2025 में एप्पल के iPhone 16 ने भारत के पूरे स्मार्टफोन मार्केट को हिलाकर रख दिया है। हैरानी की बात यह है कि इसने अपने से कहीं सस्ते बजट और मिड-रेंज एंड्रॉइड प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए नंबर-1 का स्थान हासिल कर लिया है।

आखिर यह चमत्कार हुआ कैसे?
कई लोग सोच रहे होंगे कि इतनी महंगी चीज इंडिया जैसे बाजार में सबको कैसे पसंद आ रही है? तो हकीकत ये है कि अब इंडिया 'बजट' से आगे निकलकर 'वैल्यू' देख रहा है। एप्पल ने पिछले कुछ सालों में भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं—चाहे वो इंडिया में फोन्स बनाना (Made in India) हो या लुभावने बैंक ऑफर्स।

आज के समय में कॉलेज जाने वाले छात्र हों या ऑफिस जाने वाले प्रोफेशनल्स, सबके लिए 'आसान किस्त' यानी EMI ने iPhone का सपना हकीकत बना दिया है। पहले लोग सालों तक पैसे जोड़ते थे, अब वे महीने की एक छोटी सी राशि देकर सीधा 'प्रीमियम क्लब' का हिस्सा बन रहे हैं।

एंड्रॉइड बनाम एप्पल की जंग
जहाँ पहले सैमसंग और शाओमी जैसे ब्रांड्स अपने किफायती फोन्स की वजह से लिस्ट में टॉप पर रहते थे, वहां iPhone 16 ने यह दिखा दिया कि अगर आपका प्रोडक्ट 'सोशल स्टेटस' और 'शानदार परफॉरमेंस' का मिश्रण है, तो लोग ज्यादा पैसे खर्च करने से भी नहीं कतराते। आईफोन 16 का बेहतरीन कैमरा, एप्पल इंटेलिजेंस के फीचर्स और लंबे समय तक चलने वाला सपोर्ट लोगों को एंड्रॉइड के मुकाबले ज्यादा भरोसेमंद लग रहा है।

जज्बातों का बाजार
बात सिर्फ फोन की नहीं है, बात जज्बात की है। इंडिया में फोन अब सिर्फ बात करने का जरिया नहीं रहा, यह आपकी पहचान बन चुका है। शादी-ब्याह से लेकर इंस्टाग्राम रील बनाने तक, हर जगह iPhone 16 की मौजूदगी दिखती है। बजट ब्रांड्स के लिए अब यह बड़ी चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि ग्राहकों का भरोसा अब महंगे मगर लंबे समय तक टिकने वाले फोन्स की तरफ मुड़ रहा है।

अब देखना ये होगा कि एंड्रॉइड की सेना सैमसंग, ओप्पो और वीवो कैसे इस चुनौती का मुकाबला करते हैं। फिलहाल तो भारत की सड़कों और मेट्रो में बस एक ही शोर है, और वो है एप्पल का सिक्का।

क्या आप भी इस साल iPhone 16 लेने की सोच रहे हैं या अभी भी एंड्रॉइड के 'स्मार्ट और सस्ते' अनुभव के फैन हैं?