UP News : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें प्रयागराज में POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी प्रयागराज से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwaranand) के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज इस FIR में POCSO एक्ट और यौन शोषण जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं, जिसने धार्मिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
1. किन धाराओं में दर्ज हुई FIR? (Charges Imposed)
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई है। शंकराचार्य और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
POCSO एक्ट: चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए पॉक्सो कानून की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।
यौन शोषण (Sexual Abuse): छेड़खानी और यौन उत्पीड़न से संबंधित आईपीसी/बीएनएस की धाराएं।
साजिश और धमकी: पीड़ित पक्ष को डराने-धमकाने के आरोप भी प्राथमिकी में शामिल हैं।
2. क्या है पूरा विवाद? (The Case Background)
बताया जा रहा है कि यह मामला एक पुराने आश्रम विवाद और वहां रहने वाली एक लड़की के आरोपों से जुड़ा है।
पीड़िता का आरोप: पीड़ित पक्ष का दावा है कि उनके साथ अनुचित व्यवहार हुआ और जब उन्होंने आवाज उठाई तो उन्हें चुप कराने की कोशिश की गई।
पुलिस की भूमिका: झूंसी पुलिस ने बताया कि उन्हें इस मामले में तहरीर मिली थी, जिसकी प्राथमिक जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस सबूतों को इकट्ठा करने में जुट गई है।
3. शंकराचार्य पक्ष की प्रतिक्रिया (Shankaracharya's Stand)
इस मामले में अभी तक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद या उनके विधिक प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं आया है। हालांकि, उनके समर्थकों का कहना है कि:
यह उनके बढ़ते कद को गिराने की एक गहरी साजिश है।
पूर्व में भी उन पर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं जो जांच में निराधार साबित हुए हैं।
आश्रम से जुड़े कुछ विरोधी तत्व उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।
4. संगम नगरी में बढ़ी सरगर्मी
शंकराचार्य जैसे बड़े पद पर आसीन व्यक्ति के खिलाफ ऐसी FIR दर्ज होने से प्रयागराज के साधु-संतों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अखाड़ा परिषद और अन्य धार्मिक संगठन इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
5. आगे की कार्रवाई (Next Steps in Investigation)
पुलिस अब इस मामले में:
पीड़िता का 164 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज कराएगी।
आश्रम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जाएगी।
यदि आरोप प्राथमिक रूप से सही पाए जाते हैं, तो पुलिस पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है।