झारखंड के लिए बड़ी खुशखबरी गरीबी में आई 13% से ज्यादा की कमी,नीति आयोग की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
News India Live, Digital Desk: झारखंड के विकास पथ पर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। नीति आयोग (NITI Aayog) के ताजा आंकड़ों और बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index - MPI) के विश्लेषण के अनुसार, झारखंड में गरीबी की दर में 13.29% की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। राज्य सरकार के प्रयासों और केंद्र की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के चलते लाखों लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
1. गरीबी के आंकड़ों में भारी गिरावट (Major Shift in Poverty)
रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड ने पिछले कुछ वर्षों में गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है:
पहले की स्थिति: राज्य में गरीबी का स्तर पहले लगभग 42.16% के आसपास था।
वर्तमान स्थिति: अब यह घटकर 28.81% पर आ गया है।
कुल उपलब्धि: प्रदेश की कुल जनसंख्या का 13.29% हिस्सा अब बहुआयामी गरीबी के दायरे से बाहर है।
2. किन क्षेत्रों में हुआ सबसे ज्यादा सुधार? (Key Growth Sectors)
झारखंड में गरीबी कम होने के पीछे स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर (Standard of Living) में आए बदलावों को मुख्य कारण माना जा रहा है:
पोषण (Nutrition): कुपोषण के खिलाफ चलाए गए अभियानों से सुधार हुआ है।
स्वच्छ ईंधन और बिजली: उज्ज्वला योजना और ग्रामीण विद्युतीकरण ने जीवन स्तर को सुधारा है।
पेयजल और स्वच्छता: 'हर घर नल से जल' योजना और शौचालयों के निर्माण से स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ा है।
3. जिलों का प्रदर्शन: कहाँ कितनी कम हुई गरीबी?
| जिला | गरीबी में कमी (प्रतिशत में) |
|---|---|
| चतरा | सबसे अधिक सुधार वाले जिलों में शामिल |
| पाकुड़ | यहाँ भी दर्ज की गई बड़ी गिरावट |
| पश्चिमी सिंहभूम | सुधार की रफ्तार तेज |
| साहिबगंज | बुनियादी ढांचा विकसित होने से लाभ |
4. ग्रामीण और शहरी अंतर (Rural vs Urban Gap)
रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि गरीबी में सबसे ज्यादा कमी ग्रामीण इलाकों में देखी गई है। हालांकि, शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण झारखंड में अब भी चुनौतियां बरकरार हैं, लेकिन सुधार की दर (Rate of Improvement) गांवों में शहरों से कहीं अधिक तेज रही है।
5. सरकार का विजन (Government's Vision)
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार की 'आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार' जैसी योजनाओं ने अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया है। बिरसा हरित ग्राम योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।