सिर्फ कड़वी दवाएं ही काफी नहीं, शुगर काबू करने के लिए अपनाएं ये नेचुरल तरीके
News India Live, Digital Desk : आजकल की इस भागदौड़ भरी और तनाव वाली जिंदगी में डायबिटीज (Diabetes) कोई बड़ी बात नहीं रह गई है। हर दूसरे घर में कोई न कोई ऐसा मिल ही जाएगा जो बढ़ते हुए शुगर लेवल से परेशान है। दवाईयां अपनी जगह हैं, लेकिन असल संघर्ष तो हर रोज के खान-पान और छोटी-छोटी आदतों से होता है। कई बार हम सोचते हैं कि शुगर कम करना पहाड़ चढ़ने जैसा है, जबकि सच्चाई यह है कि हमारे घर के मसालों और किचन के डिब्बों में ही इसके बेहतरीन समाधान छिपे हैं।
अगर आप या आपके परिवार में कोई इस समस्या से जूझ रहा है, तो ये कुछ नेचुरल और देसी तरीके आपके काफी काम आ सकते हैं:
1. मेथी दाना – गुणों की खान
मेथी दाना केवल तड़के के काम नहीं आता, बल्कि यह बढ़ते शुगर के लिए काल माना गया है। रात भर एक चम्मच मेथी दाना एक गिलास पानी में भिगो दें और सुबह उठकर वह पानी पी लें। यह आपके शरीर में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया में मदद करता है और फाइबर होने के नाते पाचन को भी दुरुस्त रखता है।
2. दालचीनी का वो हल्का मीठा अहसास
अजीब बात है न? दालचीनी हल्की मीठी लगती है लेकिन यह शुगर के दुश्मनों में से एक है। आप अपनी हर्बल टी या सिर्फ सादे गर्म पानी में एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिला सकते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को सुस्त नहीं होने देता और धीरे-धीरे ब्लड शुगर को बैलेंस करने में मदद करता है।
3. जामुन की गुठली – कचरा नहीं, है दवा
अक्सर लोग जामुन खाकर उसकी गुठलियां फेंक देते हैं, जबकि असल फायदा उन्हीं में होता है। जामुन की गुठली को सुखाकर उसका पाउडर बना लें। रोज सुबह खाली पेट इसे पानी के साथ लेने से काफी पुरानी डायबिटीज में भी राहत मिलते देखी गई है। यह जंबोलिन (Jamboline) नामक तत्व से भरपूर होता है, जो शुगर को स्टार्च में बदलने से रोकता है।
4. कड़वा करेला, लेकिन सेहत में सबसे 'मीठा'
कड़वेपन की वजह से लोग करेले से दूर भागते हैं, लेकिन यह प्राकृतिक रूप से शुगर कम करने का सबसे भरोसेमंद तरीका है। सुबह-सुबह करेले का आधा कप जूस शरीर से गंदगी बाहर निकालता है और शुगर लेवल को अचानक बढ़ने से रोकता है।
5. चलने की आदत और पानी का मेल
दवाओं और घरेलू नुस्खों के अलावा सबसे बड़ी चीज है 'आलस त्यागना'। रात के खाने के बाद कम से कम 20 मिनट की सैर और पूरे दिन खूब पानी पीना शुगर को नेचुरल तरीके से फ्लश आउट करने में मदद करता है।
चलते-चलते एक जरूरी बात...
याद रखिए, ये नुस्खे रातों-रात कोई जादू नहीं करेंगे। यह धीमे लेकिन पक्के सुधार के लिए हैं। साथ ही, अपनी दवाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के कभी बंद न करें। इन नुस्खों को अपनी रूटीन का हिस्सा बनाएं और एक-दो महीने बाद अपने शरीर में फर्क महसूस करें।