Punjab Politics : मशहूर पंजाबी गायक के.एस. माखन ने थामा शिरोमणि अकाली दल का पल्ला,सुखबीर बादल की मौजूदगी में हुए शामिल
News India Live, Digital Desk: पंजाब की सियासत में गायकों और कलाकारों का जुड़ाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन आगामी चुनावों से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने एक बड़ा दांव खेला है। मशहूर पंजाबी गायक के.एस. माखन (KS Makhan) आधिकारिक तौर पर अकाली दल में शामिल हो गए हैं। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उन्हें सिरोपा भेंट कर पार्टी में शामिल कराया और उनका स्वागत किया।
1. 'गबरू पंजाब दा' की नई पारी (New Innings in Politics)
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में 'मिट्तरां दी छतरी', 'बिल्लो' और 'गुड्डी' जैसे सुपरहिट गानों के लिए मशहूर के.एस. माखन अब राजनीति के अखाड़े में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
पार्टी का भरोसा: सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि के.एस. माखन के आने से पार्टी को युवाओं के बीच और मजबूती मिलेगी।
माखन का बयान: पार्टी में शामिल होने के बाद गायक ने कहा, "मैं पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की सेवा करना चाहता हूँ। शिरोमणि अकाली दल ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो राज्य के हकों की लड़ाई लड़ती है।"
2. पहले भी रह चुके हैं राजनीति में सक्रिय
यह पहली बार नहीं है जब के.एस. माखन ने राजनीति की ओर रुख किया है।
इससे पहले वे बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।
उन्होंने कुछ समय के लिए राजनीति से दूरी बना ली थी और धार्मिक प्रचार में जुट गए थे (अमृत छक कर वे सिख धर्म के प्रचार-प्रसार में लगे थे)। अब अकाली दल के साथ उनकी वापसी को काफी अहम माना जा रहा है।
3. अकाली दल के लिए क्यों अहम हैं के.एस. माखन?
| कारण | प्रभाव |
|---|---|
| युवा अपील | माखन की युवाओं में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। |
| दोआबा क्षेत्र | जालंधर और नवांशहर (दोआबा) बेल्ट में उनका अच्छा प्रभाव है। |
| धार्मिक छवि | अमृतधारी होने के नाते वे पंथक वोटों को आकर्षित कर सकते हैं। |
4. पंजाब में 'कलाकार बनाम राजनीति'
पंजाब में सिद्धू मूसवाला (कांग्रेस), अनमोल गगन मान (आप), और हंस राज हंस (भाजपा) जैसे कई कलाकार राजनीति में अपना प्रभाव दिखा चुके हैं। के.एस. माखन के शिरोमणि अकाली दल में आने से मुकाबला और भी रोचक होने की उम्मीद है, विशेषकर उन सीटों पर जहाँ दलित और युवा वोट निर्णायक भूमिका में हैं।