चंडीगढ़ DGP सागर प्रीत हुड्डा को कोर्ट ने किया तलब जानें क्या है पुलिस की वो बड़ी चूक जिससे नाराज हुए जज?
News India Live, Digital Desk: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया है। एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेश (UT) के पुलिस प्रमुख, DGP सागर प्रीत हुड्डा को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट की यह सख्ती पुलिस द्वारा जांच रिपोर्ट और अदालती निर्देशों के पालन में हो रही देरी को लेकर मानी जा रही है।
क्यों नाराज हुआ हाई कोर्ट? (The Reason for Summons)
अदालत ने यह कदम तब उठाया जब पाया गया कि पुलिस विभाग की ओर से जरूरी दस्तावेज और स्टेटस रिपोर्ट पेश करने में बार-बार कोताही बरती जा रही थी।
जवाबदेही पर सवाल: कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि जब वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की गंभीरता पता है, तो समय पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
अदालती समय की बर्बादी: बार-बार समय मांगने की पुलिस की आदत पर जजों ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि इससे न्याय मिलने में देरी होती है।
व्यक्तिगत पेशी: अब DGP को खुद कोर्ट के सामने आकर यह बताना होगा कि विभाग में चल रही इस 'लेटलतीफी' के लिए जिम्मेदार कौन है।
सागर प्रीत हुड्डा: चर्चा में पुलिस कप्तान
आईपीएस सागर प्रीत हुड्डा ने हाल ही में चंडीगढ़ DGP के रूप में कार्यभार संभाला है और वे अपनी पारदर्शी और तकनीक-आधारित पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (President's Medal) से भी सम्मानित किया गया है। लेकिन हाई कोर्ट के इस समन ने पुलिस विभाग के प्रशासनिक ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है।
क्या होगा अगला कदम?
DGP की पेशी के दौरान कोर्ट पुलिस विभाग को भविष्य के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी कर सकता है। इस मामले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि चंडीगढ़ पुलिस अब अदालती मामलों और जांच रिपोर्टों को लेकर अधिक तत्परता दिखाएगी।