सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण: 2027 में दिन में छा जाएगा अंधेरा, 7 मिनट तक थमी रहेगी दुनिया, जानें भारत पर असर

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नई दिल्ली: अंतरिक्ष प्रेमियों और खगोलविदों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। साल 2027 में दुनिया एक ऐसी खगोलीय घटना की गवाह बनने जा रही है, जो पिछले 100 सालों के इतिहास में सबसे खास होगी। वैज्ञानिकों ने आधिकारिक तौर पर '21वीं सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहण' (Total Solar Eclipse) की तारीख की पुष्टि कर दी है। 2 अगस्त, 2027 को लगने वाला यह ग्रहण इतना प्रभावी होगा कि कई देशों में करीब 7 मिनट तक दिन, रात में बदल जाएगा।

क्यों खास है यह ग्रहण? जानें इसके पीछे का विज्ञान

आमतौर पर सूर्य ग्रहण कुछ ही मिनटों के होते हैं, लेकिन 2027 का यह ग्रहण अपनी लंबी अवधि के लिए जाना जाएगा। मिस्र के लक्सर जैसे शहरों में यह नजारा लगभग 7 मिनट 28 सेकंड तक चलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, उस समय चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होगा, जिससे वह सूर्य को पूरी तरह ढंक लेगा। वहीं, पृथ्वी सूर्य से अपने सबसे दूर बिंदु पर होगी, जिससे सूर्य का आकार थोड़ा छोटा दिखेगा। इन दोनों स्थितियों के मिलन से यह सदी का सबसे लंबा 'पूर्ण ग्रहण' बनने जा रहा है।

किन देशों में दिखेगा 'ब्लैकआउट' का नजारा?

यह दुर्लभ नजारा अटलांटिक महासागर से शुरू होकर स्पेन, मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, मिस्र, सऊदी अरब, यमन और सोमालिया जैसे देशों से होकर गुजरेगा। मिस्र में नील नदी के किनारे इसका सबसे स्पष्ट और लंबा प्रभाव देखने को मिलेगा। हालांकि भारत में यह आंशिक रूप से दिखाई दे सकता है, लेकिन पूर्ण ग्रहण का मार्ग भूमध्य सागर और मध्य पूर्व के देशों से होकर गुजरेगा।

देखने से पहले बरतें ये सावधानियां, वरना जा सकती है आंखों की रोशनी

सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। साधारण धूप के चश्मे या एक्सरे फिल्म का इस्तेमाल कतई न करें। इसके लिए केवल ISO 12312-2 प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले 'ग्रहण चश्मे' (Eclipse Glasses) का ही उपयोग करें। वैज्ञानिकों की सलाह है कि ग्रहण के दौरान फोटोग्राफी के चक्कर में पड़ने के बजाय, प्रकृति में होने वाले बदलावों—जैसे पक्षियों का चहचहाना बंद होना और अचानक गिरने वाले तापमान को महसूस करना—पर ध्यान दें।

पर्यटन पर दिखेगा असर, अभी से शुरू हुई बुकिंग

इस ऐतिहासिक पल को कैद करने के लिए दुनिया भर के पर्यटक अभी से मिस्र और स्पेन के होटलों की बुकिंग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहण के मार्ग में आने वाले छोटे शहरों में भारी भीड़ उमड़ सकती है, जिससे यातायात और आवास की समस्या हो सकती है। यदि आप भी इस सदी की सबसे बड़ी खगोलीय घटना का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो अपनी यात्रा की योजना अभी से बनाना शुरू कर दें।