भूख से जंग और जे-15 का सपना ,भारत के नाम पर दुनिया को अपना फाइटर जेट बेचने की नाकाम कोशिश
News India Live, Digital Desk : कहते हैं कि जब इंसान की खुद की हालत पतली होती है, तो वो अक्सर दूसरों का सहारा लेकर अपनी ब्रांडिंग करने लगता है। कुछ ऐसा ही आजकल हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ हो रहा है। आर्थिक बदहाली की ऐसी तस्वीर कि आटे के लिए लाइनें लगी हैं और कर्ज का बोझ इतना कि आईएमएफ (IMF) के सामने नाक रगड़ने की नौबत आ चुकी है। लेकिन इन सबके बीच पाकिस्तान ने अब एक नया शिगूफा छेड़ा है— 'जे-15' (J-15) लड़ाकू विमान!
हथियारों का 'इंडिया' ब्रांड एंबेसडर?
मज़ेदार बात ये है कि पाकिस्तान इस फाइटर जेट को दुनिया भर में यह कहकर बेचने की कोशिश कर रहा है कि यह 'इंडिया को काउंटर' करने की ताकत रखता है। मतलब, पाकिस्तान को बहुत अच्छे से पता है कि बिना 'इंडिया' का नाम लिए उनकी दाल नहीं गलने वाली। वहाँ के मंत्रियों और सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उनके हथियारों ने भारत जैसी बड़ी ताकत के सामने खुद को साबित किया है, इसलिए दुनिया को उनसे यह फाइटर जेट खरीदना चाहिए।
क्या हथियार बेचकर टल जाएगी कंगाली?
हाल ही में जो खबरें निकलकर आईं, उनमें पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय से जुड़े लोगों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर दिखा। उनका कहना है कि अगर वे जे-15 जैसे उन्नत लड़ाकू विमान और रक्षा प्रणालियों का निर्यात (Export) ठीक से कर पाए, तो अगले कुछ महीनों में उन्हें आईएमएफ (IMF) की मदद की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी। यह सुनकर थोड़ा अजीब ज़रूर लगता है—जिस देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म होने को है, वो रातों-रात हथियारों का बड़ा खिलाड़ी बनने के ख्वाब देख रहा है!
पर्दे के पीछे की असली कहानी
हकीकत तो ये है कि इन फाइटर जेट्स में ज्यादातर तकनीक और सामान चीन का लगा है। चीन पाकिस्तान के ज़रिए उन बाज़ारों में घुसना चाहता है जहाँ वो सीधे नहीं जा पा रहा। पाकिस्तान अब कतर, अज़रबैजान और कई अफ्रीकी देशों को यह पट्टी पढ़ा रहा है कि "देखिए हमने भारत के साथ युद्ध और तनाव में क्या-क्या इस्तेमाल किया।" इसी को वो अपना 'प्रूवन' (Proven) रिकॉर्ड बता रहे हैं।
भारतीय नौसेना का दबदबा और पाकिस्तान की छटपटाहट
भारत जिस तेज़ी से अपनी समुद्री सीमा और हिंद महासागर (Indian Ocean) में अपने पैर पसार रहा है, उसने पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है। भारतीय नौसेना के पास अब दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं। इसके जवाब में पाकिस्तान अब जे-15 और जे-35 जैसे लड़ाकू विमानों की बात कर रहा है ताकि वो भी अपना रूतबा दिखा सके। लेकिन बड़ा सवाल यही है—पेट में खाना नहीं और हाथ में अरबों डॉलर के जहाज की चर्चा?