ब्रिटेन पहुंचे अमेरिकी विनाशक लड़ाकू विमान, क्या दुनिया किसी बड़े खतरे की ओर बढ़ रही है?

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News India Live, Digital Desk : पूरी दुनिया में इस समय सुरक्षा को लेकर जैसा माहौल है, उसे देखकर अक्सर मन में डर बैठ जाता है। इसी बीच खबर आई है कि अमेरिका ने ब्रिटेन में अपने सबसे शक्तिशाली और भारी हथियारों से लैस लड़ाकू विमानों की एक बड़ी खेप तैनात कर दी है। आसमान में गरजते ये अमेरिकी विमान न सिर्फ ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि यह एक बहुत बड़ा कूटनीतिक इशारा भी है।

अचानक इतनी बड़ी तैनाती क्यों?
अक्सर देखा जाता है कि जब भी यूरोप या बाल्टिक क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तो अमेरिका अपनी ताकत को आगे ले आता है। हाल के दिनों में रूस और अमेरिका के बीच जो कड़वाहट बढ़ी है, उसे देखते हुए इस कदम को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। ये विमान ब्रिटेन के उन खास ठिकानों पर उतारे गए हैं जहाँ से पूरा यूरोप और दुश्मन की सीमाएँ सीधे निशाने पर होती हैं। इसे रणनीतिक भाषा में 'प्रोजेक्शन ऑफ पॉवर' कहा जाता है।

विमान नहीं, चलती-फिरती 'मौत'!
इन विमानों की खासियत यह है कि ये सिर्फ़ गश्त नहीं कर सकते, बल्कि ये दुनिया के सबसे एडवांस मिसाइल सिस्टम और भारी गोला-बारूद ले जाने में सक्षम हैं। सैन्य जानकारों का कहना है कि ब्रिटेन की धरती का इस्तेमाल अमेरिका अपनी फॉरवर्ड पोजीशन (आगे की रणनीति) बनाने के लिए कर रहा है। ताकि अगर स्थिति कभी बिगड़े, तो अमेरिका को जवाब देने के लिए वाशिंगटन से उड़ने का इंतजार न करना पड़े।

क्या ये तीसरे विश्व युद्ध की आहट है?
आजकल हर किसी के मन में यही सवाल उठता है। लेकिन, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तैनातियाँ अक्सर "रोकथाम" (Deterrence) के लिए की जाती हैं। मतलब— "तुम डरो ताकि हम पर हमला न करो।" फिर भी, जिस तरह से रातों-रात गुपचुप तरीके से इतनी भारी हवाई ताकत को यूके (UK) के एयरबेस पर भेजा गया है, उसने सोशल मीडिया और रक्षा जगत में हलचल मचा दी है।