Shukra Pradosh 2026 : आज शुक्र प्रदोष पर राशियों के अनुसार करें महादेव का अभिषेक, चमक उठेगी किस्मत ,जानें अपनी राशि का अचूक उपाय
News India Live, Digital Desk: आज यानी 30 जनवरी 2026 को साल का पहला 'शुक्र प्रदोष' व्रत है। ज्योतिष शास्त्र में प्रदोष व्रत को शिव कृपा पाने का सबसे सरल माध्यम बताया गया है। शुक्र प्रदोष के दिन यदि आप अपनी राशि के अनुसार शिवलिंग का अभिषेक करते हैं, तो न केवल महादेव प्रसन्न होते हैं, बल्कि कुंडली के दोष भी शांत होते हैं। आइए जानते हैं किस राशि वाले को आज किस सामग्री से भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए।
12 राशियों के लिए विशेष अभिषेक विधि
| राशि | अभिषेक सामग्री | विशेष मंत्र/उपाय |
|---|---|---|
| मेष | कच्चे दूध में शहद मिलाकर | 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जाप करें। |
| वृषभ | दही और सफेद फूलों से | सुख-समृद्धि के लिए सफेद चंदन लगाएं। |
| मिथुन | गन्ने के रस से | गन्ने के रस से अभिषेक करने से रुके काम बनेंगे। |
| कर्क | शुद्ध घी और कच्चा दूध | मानसिक शांति के लिए चंदन का लेप लगाएं। |
| सिंह | गुड़ मिश्रित जल से | मान-सम्मान में वृद्धि के लिए लाल फूल चढ़ाएं। |
| कन्या | हरे फलों का रस या जल | बेलपत्र पर 'राम' लिखकर अर्पित करें। |
| तुला | दूध और मिश्री से | ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए इत्र चढ़ाएं। |
| वृश्चिक | पंचामृत और गुलाब जल | शत्रुओं पर विजय के लिए शहद चढ़ाएं। |
| धनु | केसर मिश्रित दूध से | हल्दी का तिलक लगाएं, धन लाभ होगा। |
| मकर | तिल का तेल या गंगाजल | शनि के प्रभाव को कम करने के लिए नीले फूल चढ़ाएं। |
| कुंभ | नारियल पानी या कच्चा दूध | शमी पत्र चढ़ाएं, कष्टों से मुक्ति मिलेगी। |
| मीन | गन्ने का रस और केसर | पीले फूल और पीले फल महादेव को अर्पित करें। |
शुक्र प्रदोष पर पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय
आज प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ है।
प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 05:59 से रात 08:35 तक।
विशेष फल: शुक्र प्रदोष होने के कारण सफेद वस्तुओं (चावल, दूध, दही) का दान करना दरिद्रता को दूर करता है।
क्यों जरूरी है राशि अनुसार अभिषेक?
ज्योतिषियों के अनुसार, हर राशि का एक स्वामी ग्रह होता है और उस ग्रह से जुड़ी वस्तु महादेव को अर्पित करने से ग्रह दोष (जैसे शनि की साढ़ेसाती या शुक्र का कमजोर होना) दूर होते हैं। शुक्र प्रदोष के दिन सफेद चीजों से अभिषेक करने पर वैवाहिक जीवन के क्लेश समाप्त होते हैं और घर में बरकत आती है।