Ratna Shastra : जीवन में चाहिए सुख-समृद्धि और शांति? धारण करें ये 4 जादुई रत्न, चमक उठेगा भाग्य
News India Live, Digital Desk: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति मानसिक शांति और खुशहाली की तलाश में है। ज्योतिष शास्त्र की महत्वपूर्ण शाखा 'रत्न शास्त्र' (Gemology) के अनुसार, हमारे जीवन पर ग्रहों का गहरा प्रभाव पड़ता है। जब कोई ग्रह अशुभ फल देने लगता है, तो जीवन में परेशानियां बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 4 खास रत्न ऐसे हैं जिन्हें धारण करने से न केवल मन को सुकून मिलता है, बल्कि घर में लक्ष्मी का वास भी होता है।
1. मोती (Pearl): मन की शांति का आधार
चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। यदि आपको बहुत अधिक गुस्सा आता है या आप तनाव में रहते हैं, तो 'मोती' आपके लिए वरदान साबित हो सकता है।
लाभ: यह मन को शांत करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
किसे पहनना चाहिए: कर्क राशि (Cancer) वालों के लिए यह अत्यंत शुभ है, लेकिन इसे पहनने से पहले कुंडली में चंद्रमा की स्थिति जरूर देख लें।
2. पन्ना (Emerald): व्यापार और बुद्धि में वृद्धि
बुध ग्रह का रत्न पन्ना न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि यह आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए भी जाना जाता है।
लाभ: इसे धारण करने से वाणी में मधुरता आती है और व्यापार में रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
विशेष: यह पारिवारिक कलह को कम कर आपसी प्रेम बढ़ाता है।
3. पुखराज (Yellow Sapphire): सौभाग्य और वैवाहिक सुख
बृहस्पति (गुरु) को सुख और सौभाग्य का देवता माना जाता है। पुखराज धारण करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है।
लाभ: यदि विवाह में देरी हो रही हो या घर में बरकत न हो रही हो, तो पुखराज पहनना लाभदायक रहता है।
प्रभाव: यह व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि करता है और निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाता है।
4. ओपल (Opal): विलासिता और प्रेम का प्रतीक
शुक्र ग्रह का रत्न ओपल सुख-सुविधाओं और प्रेम संबंधों के लिए सबसे प्रभावी माना जाता है।
लाभ: यदि दांपत्य जीवन में कड़वाहट आ गई है, तो ओपल उसे दूर कर मधुरता लाता है।
सुख-शांति: यह मानसिक शांति के साथ-साथ जीवन में भौतिक सुखों (Luxury) की प्राप्ति कराता है।
रत्न पहनने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल
रत्न शास्त्र के अनुसार, कोई भी रत्न बिना परामर्श के पहनना हानिकारक भी हो सकता है।
शुद्धता की जांच: हमेशा लैब सर्टिफाइड रत्न ही खरीदें।
धारण करने की विधि: हर रत्न को धारण करने का एक विशिष्ट दिन, धातु और मंत्र होता है। उदाहरण के लिए, मोती को सोमवार के दिन चांदी की अंगूठी में पहनना चाहिए।
प्राण प्रतिष्ठा: रत्न पहनने से पहले उसे पंचामृत से शुद्ध कर उसके अधिष्ठात्री देव की पूजा अवश्य करें।