PM Modi Jordan Outreach : मिडल ईस्ट का संकट चिंताजनक,पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग से की बात भारतीयों की सुरक्षा पर दिया विशेष जोर

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News India Live, Digital Desk: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और खाड़ी देशों पर हो रहे मिसाइल हमलों के बीच पीएम मोदी लगातार क्षेत्रीय नेताओं के संपर्क में हैं। जॉर्डन के किंग के साथ उनकी यह बातचीत भारत की संतुलित विदेश नीति और अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

1. बातचीत के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

शांति और सुरक्षा का समर्थन: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत जॉर्डन के लोगों की शांति, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने क्षेत्र में तत्काल शांति बहाली (De-escalation) की आवश्यकता पर जोर दिया।

गहरी चिंता: पीएम ने पश्चिम एशिया में 'तेजी से बदलते घटनाक्रम' (Evolving Situation) को लेकर भारत की चिंता साझा की। गौरतलब है कि जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में भी हाल ही में कई प्रोजेक्टाइल (मिसाइल/ड्रोन) इंटरसेप्ट किए गए हैं।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा: पीएम मोदी ने जॉर्डन में रह रहे भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) का इस कठिन समय में ध्यान रखने के लिए किंग अब्दुल्ला द्वितीय का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

2. जॉर्डन की स्थिति और भारत का स्टैंड

जॉर्डन इस समय कूटनीतिक रूप से एक कठिन स्थिति में है:

हवाई क्षेत्र का बंद होना: सुरक्षा कारणों से जॉर्डन ने अपनी रात की उड़ानों के लिए आंशिक रूप से एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे भारत आने-जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।

सॉलिडैरिटी (एकजुटता): पीएम मोदी ने जॉर्डन के साथ भारत की ऐतिहासिक मित्रता को दोहराया और संकट की इस घड़ी में एकजुटता प्रकट की।

3. 'मिडल ईस्ट' के अन्य नेताओं से भी संपर्क

पीएम मोदी केवल जॉर्डन ही नहीं, बल्कि अन्य खाड़ी देशों के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं:

सऊदी अरब और बहरीन: पीएम ने सोमवार को ही सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा से भी बात की।

इजरायल और यूएई: इससे पहले रविवार को उन्होंने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से चर्चा कर हिंसा रोकने की अपील की थी।

4. 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा सबसे ऊपर

खाड़ी और पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं और काम करते हैं। पीएम मोदी की इन बातचीत का प्राथमिक उद्देश्य इन नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर 'रेस्क्यू' (Rescue) की तैयारियों को पुख्ता करना है।