Iran-US War : अब अरब देश भी हमारे साथ लड़ना चाहते हैं राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा, क्या ईरान के खिलाफ एकजुट हो रही है पूरी दुनिया
News India Live, Digital Desk : World War III Alert? खाड़ी देशों (Gulf Countries) में बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने CNN को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि जो अरब देश पहले इस युद्ध से दूर रहना चाहते थे, वे अब ईरान की ओर से किए गए 'अंधाधुंध हमलों' के बाद खुद युद्ध में उतरने की जिद कर रहे हैं।
1. ट्रंप का दावा: "यह सबसे बड़ा सरप्राइज है"
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध की शुरुआत में अरब देशों ने तटस्थ रहने या बहुत कम भागीदारी की बात कही थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है:
निशाने पर अरब देश: ट्रंप के अनुसार, ईरान ने केवल अमेरिका या इजरायल को ही नहीं, बल्कि बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों को भी निशाना बनाया है।
बदला हुआ रुख: ट्रंप ने कहा, "हमने उनसे (अरब देशों से) कहा था कि हम इसे संभाल लेंगे, लेकिन अब वे खुद लड़ना चाहते हैं। ईरान ने उनके होटलों और अपार्टमेंट्स पर हमले किए हैं, जिससे वे काफी गुस्से में हैं।"
2. कौन से देश हो सकते हैं शामिल?
हालांकि अधिकांश अरब देशों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर युद्ध की घोषणा नहीं की है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार कुछ हलचलें तेज हैं:
कतर (Qatar): कतर ने सोमवार को दावा किया कि उसकी वायुसेना ने दो ईरानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है।
यूएई और सऊदी अरब: इन देशों ने अपने नागरिक ठिकानों पर हुए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे 'रेड लाइन' पार करना बताया है।
सहयोग: ट्रंप का मानना है कि ये देश अब अमेरिका और इजरायल को अपने सैन्य ठिकाने और हवाई क्षेत्र (Airspace) का उपयोग करने की पूरी अनुमति दे सकते हैं।
3. ट्रंप की 'बड़ी लहर' (The Big Wave) की चेतावनी
युद्ध के तीसरे दिन ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तो शुरुआत हुई है:
"नष्ट कर देंगे": ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइल क्षमताओं और उसकी नौसेना को पूरी तरह तबाह कर रही है।
बड़ी चेतावनी: उन्होंने चेतावनी दी कि "अभी हमने उन्हें (ईरान को) कसकर मारना शुरू भी नहीं किया है। असली और सबसे बड़ी 'लहर' (Big Wave) अभी आना बाकी है।"
4. युद्ध के उद्देश्य और समय सीमा
ट्रंप प्रशासन ने इस ऑपरेशन (जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है) के लक्ष्य स्पष्ट कर दिए हैं:
परमाणु कार्यक्रम का अंत: यह सुनिश्चित करना कि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके।
बैलिस्टिक मिसाइलें: ईरान के मिसाइल उत्पादन केंद्रों को पूरी तरह जमींदोज करना।
समय सीमा: ट्रंप ने अनुमान जताया है कि यह अभियान 4 से 5 हफ्ते तक चल सकता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
5. ईरान की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, ईरान ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का कड़ा जवाब देने की कसम खाई है। ईरान का दावा है कि वह अपनी संप्रभुता के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा।