Holi Special Recipe : होली पर मेहमानों का जीतना है दिल? ट्राई करें उत्तराखंड की मशहूर सिंघल रेसिपी
News India Live, Digital Desk: होली का त्योहार रंगों के साथ-साथ पकवानों का भी उत्सव है। जहाँ उत्तर भारत में गुझिया और मालपुआ का बोलबाला रहता है, वहीं उत्तराखंड की पहाड़ियों में होली का जश्न 'सिंघल' (Singhal) के बिना अधूरा माना जाता है। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, सिंघल न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसे बनाना भी काफी आसान है। अगर आप इस होली कुछ नया और पारंपरिक ट्राई करना चाहते हैं, तो यह पहाड़ी मिठाई बेस्ट विकल्प है।
1. क्या है 'सिंघल'? (What is Singhal?)
सिंघल उत्तराखंड, विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र की एक पारंपरिक मिठाई है। यह दिखने में काफी हद तक 'जलेबी' या 'इमरती' जैसी होती है, लेकिन इसका स्वाद और बनाने की सामग्री पूरी तरह अलग होती है। यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम होता है।
2. सिंघल बनाने की आवश्यक सामग्री (Ingredients)
एक परफेक्ट पहाड़ी सिंघल बनाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी:
सूजी: 500 ग्राम (बारीक वाली)
दही: 200 ग्राम (हल्का खट्टा)
चीनी: स्वादानुसार (लगभग 150-200 ग्राम)
केला: 2 पके हुए (मैश किए हुए)
सौंफ: 1 बड़ा चम्मच (दरदरा पिसा हुआ)
इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच
दूध: बैटर बनाने के लिए
घी या तेल: तलने के लिए
3. बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Recipe)
बैटर तैयार करें: एक बड़े बर्तन में सूजी, दही, चीनी, मैश किए हुए केले, सौंफ और इलायची पाउडर को अच्छी तरह मिला लें।
दूध का इस्तेमाल: इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान रहे कि घोल न ज्यादा पतला हो और न ही बहुत सख्त।
रेस्ट दें: इस बैटर को कम से कम 2 से 3 घंटे के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए।
तलने की प्रक्रिया: एक कड़ाही में घी गर्म करें। अब एक साफ कपड़े में छेद करके या सॉस की बोतल (Squeeze Bottle) में बैटर भरें।
आकार दें: गर्म घी में जलेबी की तरह गोल-गोल घुमाते हुए 'सिंघल' बनाएं। इसे मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा भूरा (Golden Brown) होने तक तलें।
4. सिंघल को खास बनाने के टिप्स (Pro Tips)
केले का महत्व: इसमें पका हुआ केला डालने से सिंघल के अंदर एक खास तरह की सॉफ्टनेस और नेचुरल मिठास आती है।
मलाई का प्रयोग: यदि आप इसे और ज्यादा रिच बनाना चाहते हैं, तो बैटर में थोड़ी ताजी मलाई भी मिला सकते हैं।
परोसने का तरीका: इसे आप गर्म या ठंडा दोनों तरह से खा सकते हैं। पहाड़ों में इसे अक्सर आलू के गुटके (Pahadi Aloo) के साथ भी पसंद किया जाता है।
5. सेहत के लिए भी फायदेमंद
सिंघल में सौंफ और इलायची का उपयोग किया जाता है, जो पाचन में मदद करते हैं। साथ ही, घर पर शुद्ध घी में बनी यह मिठाई बाजार की मिलावटी मिठाइयों से कहीं ज्यादा बेहतर और सुरक्षित है।