President Murmu in Ayodhya : 19 मार्च को अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नवरात्र के पहले दिन श्रीराम यंत्र की करेंगी स्थापना

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 News India Live, Digital Desk: रामनगरी अयोध्या के लिए 19 मार्च 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन और हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर 2083) के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या के दौरे पर रहेंगी।  राष्ट्रपति राम मंदिर के द्वितीय तल पर आयोजित एक अति-विशिष्ट धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगी। इस दौरे को लेकर केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने अयोध्या को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है।

1. श्रीराम यंत्र की स्थापना और 400 साल पुरानी पांडुलिपि (The Religious Ceremony)

राष्ट्रपति का यह दौरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विशेष अनुष्ठान: राष्ट्रपति मुर्मु राम मंदिर के दूसरे तल पर 'श्रीराम यंत्र' और 'श्रीराम नाम मंदिर' की स्थापना समारोह की मुख्य अतिथि होंगी।

सांस्कृतिक विरासत: इस दौरान 400 साल पुरानी वाल्मीकि रामायण की पांडुलिपि को भी मंदिर के संग्रहालय में स्थान दिया जाएगा।

श्रमिकों का सम्मान: मंदिर निर्माण में अपना पसीना बहाने वाले करीब 400 श्रमिकों को राष्ट्रपति अपने हाथों से सम्मानित करेंगी, जो उनके श्रम के प्रति राष्ट्र का आभार होगा।

2. सुरक्षा का 'रेड जोन' प्लान: चप्पे-चप्पे पर नजर (High-Alert Security)

राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ब्लू बुक' के नियमों के तहत कड़े इंतजाम किए गए हैं:

वेरिफिकेशन अभियान: रामकोट और आसपास के इलाकों (रेड जोन) में रहने वाले हर व्यक्ति का डिजिटल वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। बाहरी लोगों और किरायेदारों की गहन जांच की जा रही है।

मल्टी-लेयर सुरक्षा: एनएसजी (NSG), एटीएस (ATS) और स्थानीय पुलिस के 5,000 से अधिक जवान तैनात रहेंगे। अयोध्या की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर बाहरी वाहनों के प्रवेश को डायवर्ट किया जाएगा।

ड्रोन निगरानी: सुरक्षा एजेंसियां एआई (AI) आधारित कैमरों और ड्रोनों के जरिए पूरी अयोध्या धाम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेंगी।

3. भक्तों के लिए राहत: राष्ट्रपति की मौजूदगी में भी होंगे दर्शन

अक्सर VVIP दौरे पर आम जनता के लिए मंदिर बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार व्यवस्था अलग होगी:

दर्शन में बाधा नहीं: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान भी श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकेंगे।

सेपरेट कॉरिडोर: भक्तों के लिए एक अलग सुरक्षा कॉरिडोर बनाया जाएगा ताकि राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल में कोई चूक न हो और श्रद्धालुओं को भी इंतजार न करना पड़े।

4. हिंदू नववर्ष और नवरात्र का संगम

19 मार्च को ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर राष्ट्रपति का अयोध्या आना एक बड़ा संदेश है।

राम नवमी की तैयारी: राष्ट्रपति का यह दौरा 27 मार्च को होने वाली भव्य रामनवमी की तैयारियों का भी जायजा लेगा। इस बार रामनवमी पर 'सूर्य तिलक' के लिए विशेष इंतज़ाम किए जा रहे हैं, जिसकी समीक्षा भी इस दौरे के दौरान संभावित है।

5. अयोध्या प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति

जिलाधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अयोध्या आने वाले यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपने साथ पहचान पत्र अवश्य रखें और पुलिस जांच में सहयोग करें।