UP Govt Job Rules : यूपी में सरकारी नौकरी पाना अब होगा और साफ-सुथरा योगी सरकार ने आरक्षण नियमों पर जारी किया ब्रह्मास्त्र'

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की सभी सरकारी भर्तियों में आरक्षण के नियमों को लेकर एक बेहद सख्त आदेश जारी किया है। अब किसी भी भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी (OBC), एससी (SC), एसटी (ST) और ईडब्ल्यूएस (EWS) कोटे के साथ कोई समझौता नहीं होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी अधिकारी ने आरक्षण रोस्टर को लागू करने में कोताही बरती, तो उन पर गाज गिरना तय है।

1. आरक्षण रोस्टर का 'सख्त' पालन अनिवार्य (Mandatory Roster)

सरकार ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को निर्देश दिया है कि भर्तियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आरक्षण चार्ट को अक्षरशः लागू किया जाए।

वर्टिकल आरक्षण (Vertical Reservation): इसमें ओबीसी के लिए 27%, एससी के लिए 21%, एसटी के लिए 2% और ईडब्ल्यूएस के लिए 10% कोटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation): महिलाओं, दिव्यांगों, पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को मिलने वाले आरक्षण को भी सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं।

2. आउटसोर्सिंग और संविदा भर्तियों में भी 'कोटा' (Reservation in Outsourcing)

योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली नियुक्तियों में भी आरक्षण के नियमों को अनिवार्य कर दिया है।

UPCOS का गठन: 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' (UPCOS) के माध्यम से होने वाली सभी भर्तियों में सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

उद्देश्य: इससे उन युवाओं को लाभ मिलेगा जो अब तक संविदा या आउटसोर्सिंग भर्तियों में आरक्षण के लाभ से वंचित रह जाते थे।

3. अग्निवीरों के लिए 20% का विशेष कोटा (Agniveer Reservation)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में पुलिस भर्ती और पीएसी (PAC) में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है।

2026 की भर्तियों में असर: साल 2026 से होने वाली पुलिस कांस्टेबल और अन्य सुरक्षा भर्तियों में इसका सीधा लाभ पहले बैच के अग्निवीरों को मिलेगा।

यह आरक्षण सभी वर्गों (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी) के भीतर उन्हीं की श्रेणियों में लागू होगा।

4. भर्ती माफिया और गड़बड़ियों पर 'जीरो टॉलरेंस'

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश अब 'यूपी ब्रांड' के रूप में उभर रहा है, जहाँ सुशासन और पारदर्शिता सबसे ऊपर है।

डिजिटल ट्रैकिंग: भर्तियों में आरक्षण रोस्टर को अब डिजिटल रूप से ट्रैक किया जाएगा ताकि बाद में कोई कानूनी विवाद या लेखपाल भर्ती जैसे त्रुटिपूर्ण विज्ञापन की स्थिति पैदा न हो।

सजा का प्रावधान: नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और दंड सुनिश्चित किया जाएगा।

5. यूपी भर्ती 2026: वर्गवार आरक्षण की स्थिति (Current Quota Stats)

श्रेणी (Category)आरक्षण प्रतिशत (Percentage)
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)27%
अनुसूचित जाति (SC)21%
आर्थिक रूप से कमजोर (EWS)10%
अनुसूचित जनजाति (ST)2%
महिलाएं (Horizontal)20%