बिहार की अदालतों में अब आएगी तेज़ी? जस्टिस एस.के. साहू के शपथ ग्रहण की वो तस्वीरें जो चर्चा में हैं

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News India Live, Digital Desk : पटना की फिजाओं में आज कानून और न्याय की गूंज कुछ ज्यादा ही सुनाई दे रही है। वजह बेहद खास है। राजभवन में आयोजित एक सादे लेकिन बेहद गरिमामय कार्यक्रम में जस्टिस संगम कुमार साहू ने पटना हाईकोर्ट के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सिर्फ एक शपथ नहीं, एक नई उम्मीद है
अदालतों में मुकदमों का बोझ और न्याय में होने वाली देरी हमेशा से आम आदमी की चिंता का विषय रही है। ऐसे में एक नए मुख्य न्यायाधीश का आना सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं होता, बल्कि उन हजारों पीड़ितों के लिए उम्मीद की एक नई किरण होता है जो बरसों से इंसाफ की आस लगाए बैठे हैं। संगम कुमार साहू के अनुभव और उनकी साख को देखते हुए माना जा रहा है कि उनके कार्यकाल में पटना हाईकोर्ट में मुकदमों के निपटारे में तेज़ी आएगी।

राजभवन का वो खास माहौल
शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और न्यायपालिका से जुड़े दिग्गजों की मौजूदगी ने इस पल को और भी खास बना दिया। जैसे ही राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई, पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। जस्टिस साहू ने बहुत ही सादगी और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है।

47वीं बार बना है ये इतिहास
पटना हाईकोर्ट भारत की सबसे पुरानी और सबसे सम्मानित अदालतों में से एक है। इसके 47वें मुख्य न्यायाधीश बनना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले भी इस कुर्सी पर कई ऐसी हस्तियां रही हैं जिन्होंने देश के कानून को नई दिशा दी। संगम कुमार साहू के सामने भी वही पुरानी गरिमा को बनाए रखने और नई तकनीक के जरिए न्याय को घर-घर पहुँचाने की बड़ी चुनौती होगी।

आम जनता के लिए क्या बदलेगा?
जब भी कोई नया जस्टिस कमान संभालता है, तो उनका सबसे ज्यादा ध्यान प्रशासनिक सुधारों और 'ई-कोर्स' (e-courts) जैसी व्यवस्थाओं को मज़बूत करने पर होता है। उम्मीद जताई जा रही है कि जस्टिस साहू के नेतृत्व में गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को कानून की मदद और आसानी से मिल सकेगी।

चलते-चलते...
न्यायपालिका हमारे लोकतंत्र का वो स्तंभ है जिस पर देश की जनता सबसे ज्यादा भरोसा करती है। जस्टिस संगम कुमार साहू से बिहार को बहुत सी अपेक्षाएं हैं। उनकी विद्वत्ता और उनका निर्णय लेने का अंदाज़ निश्चित रूप से बिहार की अदालतों की तस्वीर बदलने में मदद करेगा।

आप नए मुख्य न्यायाधीश की इस नियुक्ति को किस तरह देखते हैं? क्या आपको लगता है कि उनके आने से बिहार में न्यायिक प्रक्रिया में और सुधार होगा? कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर दें।