Bihar Development : सबका मुँह बंद कर देगा बिहार का यह रिकॉर्ड 13% की ग्रोथ के साथ देश को पीछे छोड़ा
News India Live, Digital Desk : जब भी विकास या जीडीपी की बात होती है, तो अक्सर हमारा ध्यान बड़े औद्योगिक राज्यों जैसे महाराष्ट्र या गुजरात की तरफ जाता है। लेकिन आज (8 जनवरी 2026) बिहार ने एक ऐसी खबर दी है जिसने अर्थशास्त्रियों से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है। जी हाँ, बिहार की अर्थव्यवस्था (GSDP) ने 13 प्रतिशत की विकास दर के आंकड़े को पार कर लिया है।
यह सिर्फ एक सरकारी आंकड़ा नहीं है, बल्कि उस राज्य के लिए एक बड़ा बयान है जिसे सालों से 'बीमारू' या 'पिछड़ा' कहा जाता रहा। चलिए आसान शब्दों में समझते हैं कि ये चमत्कार हुआ कैसे और इसका हम पर क्या असर पड़ेगा।
आखिर बिहार ने ये 'महा-रिकॉर्ड' बनाया कैसे?
कई लोग सोच रहे होंगे कि रातों-रात ऐसा क्या बदल गया? सच ये है कि ये पिछले कुछ सालों की मेहनत का नतीजा है। बिहार ने हाल के वर्षों में सड़कों के जाल (Infrastructure), बिजली की सप्लाई और पुलों के निर्माण में काफी पैसा लगाया है। जब किसी राज्य में आवागमन आसान होता है, तो व्यापार अपने आप बढ़ने लगता है।
इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों और छोटे-मझोले उद्योगों (MSMEs) को मिले बढ़ावा ने इस विकास दर में घी का काम किया है। निर्माण कार्य और सर्विस सेक्टर की रफ्तार ने बिहार को उन चुनिंदा राज्यों की कतार में ला खड़ा किया है, जो देश की इकोनॉमी के असली इंजन बन रहे हैं।
आम बिहारी की जिंदगी में क्या बदलेगा?
अब आप कह सकते हैं कि—"भैया, 13% की ग्रोथ तो ठीक है, लेकिन मुझे क्या मिलेगा?" देखिये, जब स्टेट की जीडीपी बढ़ती है, तो इसका मतलब है कि राज्य के पास निवेश करने के लिए ज़्यादा पैसा है। इसका सीधा असर नए रोजगार के अवसरों पर पड़ता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च बढ़ने से आम आदमी का जीवनस्तर बेहतर होता है।
चुनौतियां अभी बाकी हैं
रिकॉर्ड तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन हमें ये भी समझना होगा कि बिहार को इस रफ्तार को बनाए रखना है। 13% की ग्रोथ एक बेंचमार्क है, लेकिन अभी भी माइग्रेशन (पलायन) एक बड़ा मुद्दा है। बिहार को अपनी इस ग्रोथ को भारी उद्योगों और आईटी सेक्टर तक भी ले जाना होगा, ताकि यहाँ के हुनरमंद युवाओं को नौकरी के लिए अपना घर न छोड़ना पड़े।