मिशन वाराणसी बीजेपी अध्यक्ष का कल का दौरा? क्या बन रही है उत्तर प्रदेश की नई सियासी बिसात?

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News India Live, Digital Desk: देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी में चुनाव की तैयारियां कभी रुकती नहीं हैं। आज अगर लखनऊ में बैठक है, तो कल उसकी गूँज बनारस में सुनाई देने लगती है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कल धर्म और राजनीति की इस नगरी यानी वाराणसी में दस्तक देंगे।

मुलाकातों का दौर और सांगठनिक चर्चा
यह कोई औपचारिकता भर नहीं है। सूत्रों की मानें तो पंकज चौधरी कल जिले के आला पदाधिकारियों और जमीन पर काम करने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ आमने-सामने की मीटिंग करेंगे। अक्सर होता क्या है कि ऊपर के स्तर पर लिए गए फैसले जब जमीन तक पहुँचते हैं, तो उनके बीच कुछ न कुछ गैप रह जाता है। इस दौरे का एक बड़ा मकसद उसी फासले को खत्म करना और यह जानना है कि कार्यकर्ता क्या महसूस कर रहे हैं।

काशी ही क्यों?
वाराणसी बीजेपी के लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि उनकी ताकत का सबसे बड़ा गढ़ है। यहाँ से जाने वाला मैसेज पूरे उत्तर प्रदेश और फिर दिल्ली तक पहुँचता है। पंकज चौधरी का कल का शेड्यूल काफी टाइट रहने वाला है। वह पार्टी ऑफिस के अधिकारियों से सरकार की योजनाओं की फीडबैक भी ले सकते हैं कि आखिर विकास की बातें आम आदमी के घर तक कितनी पहुँच पा रही हैं।

कल क्या होने की उम्मीद है?
माना जा रहा है कि पंकज चौधरी कल की मीटिंग्स में गुटबाजी को दूर करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने का काम करेंगे। बीजेपी के भीतर अनुशासन सबसे बड़ी ताकत है और प्रदेश अध्यक्ष की इस यात्रा से संगठनात्मक मजबूती की उम्मीद की जा रही है। राजनीतिक पंडितों का तो यहाँ तक कहना है कि ये आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों या अन्य राजनीतिक चुनौतियों की दिशा तय करने वाला दौरा भी हो सकता है।

अब देखना यह होगा कि कल की इन मुलाकातों के बाद पार्टी के भीतर क्या नया फेरबदल या रणनीति सामने आती है। इतना तो तय है कि पंकज चौधरी के कदम कल जिस भी दफ्तर में पड़ेंगे, वहां चर्चा केवल और केवल आने वाले कल के 'विजय संकल्प' की ही होगी।