लखनऊ यूनिवर्सिटी PHD अपडेट अब साल में दो बार मिलेंगे दाखिले के मौके, UGC NET पास वालों के लिए खुल गए रास्ते
News India Live, Digital Desk: अगर आप हायर एजुकेशन यानी रिसर्च की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं और लखनऊ यूनिवर्सिटी (LU) आपकी पसंद है, तो आपके लिए खुश होने का एक बड़ा कारण मिल गया है। अक्सर देखा जाता है कि पीएचडी के फॉर्म साल में एक ही बार आते हैं, और अगर किसी वजह से आप चूक गए, तो पूरा साल बर्बाद हो जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
साल में एक बार नहीं, अब दो बार होंगे एडमिशन
लखनऊ यूनिवर्सिटी ने तय किया है कि वे अब पीएचडी की प्रवेश परीक्षाएं (Entrance Exams) साल में दो बार आयोजित करेंगे। इससे फायदा यह होगा कि जो छात्र नेट या अपनी मास्टर्स डिग्री पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अब ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जैसे ही आप योग्य हों, अगले ही सत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बिना एंट्रेंस टेस्ट के किसे मिलेगा मौका? (UGC NET/JRF Candidates)
नियमों को थोड़ा आसान बनाते हुए यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जिन छात्रों ने पहले से ही UGC-NET या JRF क्लियर कर रखा है, उन्हें पीएचडी के लिखित एंट्रेंस टेस्ट (RET) से छूट दी जाएगी। इसका मतलब है कि आप सीधे इंटरव्यू की स्टेज पर पहुंच सकते हैं। इससे आपका समय बचेगा और आप अपना पूरा ध्यान अपने 'रिसर्च प्रपोजल' पर लगा पाएंगे।
जेआरएफ (JRF) नहीं है? फिर भी मिल सकती है फेलोशिप!
पीएचडी करने वाले छात्रों की सबसे बड़ी टेंशन होती है खर्चा। आमतौर पर माना जाता है कि अगर आपके पास JRF (Junior Research Fellowship) है, तभी आपको पैसे मिलेंगे। लेकिन इस नए अपडेट में एक शानदार बात यह निकलकर आई है कि यूनिवर्सिटी बिना JRF वाले शोधकर्ताओं (Non-JRF researchers) के लिए भी कुछ खास तरह की फेलोशिप या वित्तीय सहायता पर विचार कर रही है। यह उन मेधावी छात्रों के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है, जो सिर्फ आर्थिक तंगी की वजह से अपनी रिसर्च अधूरी छोड़ देते हैं।
तैयारी का सही वक्त आ गया है
इन नए बदलावों के पीछे का असली मकसद रिसर्च की क्वालिटी को बढ़ाना और छात्रों को ज्यादा मौके देना है। अगर आप लखनऊ के इस 'लाइट हाउस ऑफ लर्निंग' का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह अपनी सिनोप्सिस (Synopsis) और रिसर्च टॉपिक्स तैयार करने का सबसे सही समय है।
यूनिवर्सिटी के इस कदम से न सिर्फ पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा, बल्कि ज्यादा से ज्यादा युवा रिसर्च की तरफ आकर्षित होंगे। तो बस, देर किस बात की? अपनी तैयारी शुरू करें क्योंकि अब मौके दोगुने हैं और रास्ते आसान!