Kolkata Medical Miracle : 2.5 साल से खुला रह गया था मासूम का मुंह, खाना बोलना था दूभर कोलकाता के डॉक्टरों ने ऐसे किया चमत्कार
News India Live, Digital Desk: चिकित्सा विज्ञान की दुनिया से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में डॉक्टरों ने एक मासूम बच्ची को नया जीवन दिया है, जिसका मुंह पिछले ढाई साल से लॉक (Lock) हो गया था और वह चाहकर भी उसे बंद नहीं कर पा रही थी। इस दुर्लभ बीमारी के कारण बच्ची न तो ठीक से खा पा रही थी और न ही शब्द साफ बोल पा रही थी। लेकिन कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने अपनी काबिलियत से इस नामुमकिन से दिखने वाले केस को मुमकिन कर दिखाया है।
क्या थी यह दुर्लभ बीमारी? जब 'जबड़ा' बन गया दुश्मन
महज कुछ साल की इस बच्ची को TMJ Ankylosis (टेम्पोरोमंडिबुलर जॉइंट एंकिलोसिस) नाम की गंभीर समस्या थी। सरल भाषा में कहें तो, बच्ची के कान के पास वाले जबड़े की हड्डी और खोपड़ी की हड्डी आपस में जुड़ गई थी। इस वजह से उसका निचला जबड़ा पूरी तरह जाम हो गया और मुंह एक खास स्थिति में खुला ही रह गया। ढाई साल के लंबे इंतजार और दर्द के बाद आखिरकार उसे सही इलाज मिला।
ऑपरेशन टेबल पर 4 घंटे का कड़ा संघर्ष
आरजी कर अस्पताल के मैक्सिलोफेशियल सर्जन की टीम ने इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। डॉक्टरों ने बताया कि यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था क्योंकि बच्ची बहुत छोटी थी और उसकी हड्डियों के विकास पर भी ध्यान देना था। करीब 4 घंटे तक चली इस सर्जरी में डॉक्टरों ने जबड़े की जुड़ी हुई हड्डियों को काटकर अलग किया और वहां एक कृत्रिम गैप बनाया ताकि जबड़ा फिर से हिल-डुल सके।
ढाई साल बाद जब मां की गोद में मुस्कुराई मासूम
सर्जरी के बाद जब बच्ची ने पहली बार अपना मुंह बंद किया और मां की गोद में मुस्कुराई, तो वार्ड में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, अब वह धीरे-धीरे ठोस आहार ले पाएगी और उसकी स्पीच थेरेपी भी शुरू की जाएगी ताकि वह साफ बोलना सीख सके।
अमर उजाला की सलाह: बच्चों में इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपके बच्चे को मुंह खोलने में दिक्कत हो, कान के पास दर्द हो या चोट लगने के बाद जबड़े में जकड़न महसूस हो, तो इसे मामूली समझकर न छोड़ें। यह TMJ Ankylosis की शुरुआत हो सकती है। सही समय पर सर्जरी ही इसका एकमात्र स्थाई समाधान है।