Khamenei Dead : ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत ट्रंप का सत्ता परिवर्तन प्लान शुरू, क्या अब घुसेंगी अमेरिकी सेनाएं
News India Live, Digital Desk: 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के छठे दिन आज स्थिति और भी गंभीर हो गई है। खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद ईरान में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है, जबकि अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और बढ़ा दिया है।
1. खामेनेई की मौत और अंतिम संस्कार (The Death of Supreme Leader)
हमले का शिकार: इजरायली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने खामेनेई के तेहरान स्थित आवास को पिन-पॉइंट स्ट्राइक (सटीक हमला) के जरिए निशाना बनाया।
अंतिम संस्कार: ईरानी मीडिया के अनुसार, खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद (Mashhad) में दफनाया जाएगा। हालांकि, भारी बमबारी के कारण शोक सभाओं को स्थगित कर दिया गया है।
परिवार का नुकसान: रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की बेटी और पोते-पोतियों की भी मौत हो गई है।
2. ट्रंप का 'एंडगेम' और सत्ता परिवर्तन (Trump's Regime Change Plan)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनका लक्ष्य केवल सैन्य ठिकानों को तबाह करना नहीं, बल्कि ईरान में वर्तमान शासन को उखाड़ फेंकना है:
जनता से अपील: ट्रंप ने ईरानी जनता से आह्वान किया है कि वे इस मौके का फायदा उठाएं और अपनी किस्मत खुद तय करें।
वार्ता का प्रस्ताव: ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के 'नए नेतृत्व' (New Leadership) के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वर्तमान IRGC कमांडरों के लिए कोई जगह नहीं है।
3. 'Boots on the Ground': क्या अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरेंगे?
यह इस युद्ध का सबसे विवादास्पद और महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है:
ट्रंप का रुख: शुरुआत में ग्राउंड फोर्स से इनकार करने के बाद, अब ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ, तो वे 'सैनिकों की तैनाती' (Boots on the Ground) से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, "मैं उन राष्ट्रपतियों की तरह नहीं हूं जो पहले ही हाथ खड़े कर देते हैं।"
सीनेटरों की चिंता: अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंटथल और एलिजाबेथ वारेन ने एक ब्रीफिंग के बाद चेतावनी दी है कि ट्रंप प्रशासन ईरान में जमीनी सेना भेजने की तैयारी कर रहा है, जो एक लंबे और खूनी युद्ध की शुरुआत हो सकती है।
4. ईरान का पलटवार और क्षेत्रीय प्रभाव (Iranian Retaliation)
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 'खुले युद्ध' का ऐलान कर दिया है:
इजरायल पर मिसाइलें: आज सुबह ईरान ने यरूशलेम और तेल अवीव की ओर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
अमेरिकी ठिकानों पर हमला: दुबई और सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावासों और सैन्य ठिकानों को ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
हिजबुल्लाह की एंट्री: लेबनान से हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल पर रॉकेट हमले तेज कर दिए हैं।
5. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और तेल संकट
चीन और रूस: दोनों देशों ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे एक 'संप्रभु राष्ट्र पर अवैध हमला' बताया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य: यह मार्ग अब युद्ध क्षेत्र में बदल चुका है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने का अंदेशा है।