Jammu & Kashmir Weather: जम्मू-कश्मीर में 'कुदरत का यू-टर्न', अप्रैल में लौटी सर्दी; ओलावृष्टि और बर्फबारी ने बढ़ाई कँपकँपी
संवाददाता, जम्मू: जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मंगलवार के बाद बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस अचानक हुए बदलाव ने अप्रैल की गर्मी को गायब कर दिया है और लोगों को एक बार फिर अलमारी से गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। जहाँ पिछले सप्ताह पंखे चलने लगे थे, वहीं अब घाटी से लेकर संभाग तक ठंड का अहसास हो रहा है।
जम्मू संभाग में बारिश का 'शतक', श्रीनगर भी भीगा
बुधवार को जम्मू संभाग में कश्मीर के मुकाबले कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
जम्मू शहर: सबसे अधिक 42.1 मिमी वर्षा।
कटड़ा: 39.8 मिमी बारिश के साथ मौसम हुआ सुहावना।
गुलमर्ग: न्यूनतम तापमान 0 डिग्री तक पहुँचा, साथ ही 8.2 मिमी बारिश हुई।
श्रीनगर: यहाँ 11.8 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ हल्की बूंदाबांदी (2.3 मिमी) हुई।
ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी का सिलसिला भी जारी रहा, जिससे ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है।
10 अप्रैल तक 'येलो अलर्ट', ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 10 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले 24 घंटों के लिए विभाग ने चेतावनी जारी की है:
तेज हवाएं: 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
ओलावृष्टि: कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की आशंका है।
बर्फबारी: ऊंचे पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी जारी रह सकती है।
किसानों की बढ़ी चिंता, भूस्खलन का खतरा
जहाँ आम जनता के लिए यह मौसम सुहावना है, वहीं किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं। बुधवार को हुई ओलावृष्टि से तैयार फसलों और फलों के बागानों को नुकसान पहुँचने की आशंका है। इसके अलावा, लगातार बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (Landslides) का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे लेकर प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कैसा रहेगा आने वाले दिनों का हाल?
11-12 अप्रैल: मौसम आंशिक रूप से साफ रहेगा, लेकिन छिटपुट बारिश संभव है।
13-14 अप्रैल: मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है।
15-16 अप्रैल: एक बार फिर बादल छाने और बारिश के आसार बन रहे हैं।
फिलहाल तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि इस दौर के बाद पारे में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होगी और गर्मी दोबारा दस्तक देगी।