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April 10 2026 05:40 pm

Vaishakh Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति के लिए वैशाख अमावस्या पर करें मां गंगा के इन 108 नामों का जप, जानें शुभ मुहूर्त और नियम

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या तिथि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, दान और स्नान करने से न केवल पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि जीवन में आ रही आर्थिक और पारिवारिक बाधाएं भी दूर होती हैं। 2026 में वैशाख अमावस्या पर मां गंगा की आराधना और उनके 108 नामों का जप आपके कष्टों का निवारण कर सकता है।

वैशाख अमावस्या पर पितृ तर्पण के सरल नियम

यदि आप लंबे समय से संतान कष्ट, गृह क्लेश या धन की कमी से जूझ रहे हैं, तो इस दिन ये उपाय अवश्य करें:

गंगा स्नान और मंत्र: यदि गंगा स्नान संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर इस मंत्र का जप करें:

"गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् संनिधिं कुरु॥"

पितृ तर्पण: सुबह स्नान के बाद जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को अर्घ्य दें।

दीप दान: शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं। यह दिशा पितरों की मानी जाती है।

जल दान का महत्व: वैशाख की गर्मी में किसी प्याऊ, मंदिर या जरूरतमंद को शीतल जल का दान करना पितरों को परम तृप्ति प्रदान करता है।

मां गंगा के 108 नाम (Maa Ganga 108 Names)

पितरों के मोक्ष और स्वयं के पापों के नाश के लिए इन नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करें:

ॐ गंगायै नमः

ॐ विष्णुपादसंभूतायै नमः

ॐ हरवल्लभायै नमः

ॐ हिमाचलेन्द्रतनयायै नमः

ॐ गिरिमण्डलगामिन्यै नमः

ॐ तारकारातिजनन्यै नमः

ॐ ओंकाररूपिण्यै नमः

ॐ अनलायै नमः

ॐ क्रीडाकल्लोलकारिण्यै नमः

ॐ स्वर्गसोपानशरण्यै नमः

ॐ जह्नुपुत्र्यै नमः

ॐ दारिद्र्यहन्त्र्यै नमः

ॐ पापहन्त्र्यै नमः

ॐ भीष्ममात्रे नमः

ॐ ऋणत्रयविमोचिन्यै नमः

ॐ जाह्नव्यै नमः

ॐ शुभायै नमः

क्यों है वैशाख अमावस्या खास?

मान्यता है कि वैशाख के महीने में ही त्रेता युग का आरंभ हुआ था। इस दिन किया गया दान-पुण्य अक्षय फल देता है। मां गंगा को 'पापहारिणी' कहा गया है, उनके नामों का जप अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन में नई ऊर्जा और शांति का संचार करता है।

नोट: इस वर्ष वैशाख अमावस्या पर स्नान-दान के लिए सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ है। दान में सत्तू, मटका, पंखा और मौसमी फलों का दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।