सिर्फ मजबूरी नहीं, सेहत की बात सर्दियों में रोज़ नहाना फायदेमंद है या नुकसानदेह हकीकत जान लीजिए

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News India Live, Digital Desk : सर्दियां अपने शबाब पर हैं और हम में से ज़्यादातर लोगों की सुबह रजाई से निकलने की जंग के साथ शुरू होती है। इस बीच सबसे बड़ा पहाड़ होता है नहाना'। घर के बड़े-बुज़ुर्ग कहते हैं कि सुबह-सुबह नहाने से शरीर में फुर्ती आती है और आलस भाग जाता है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ, कड़ाके की ठंड में पानी के नाम से ही कई लोगों की रूह कांपने लगती है।

क्या आपने कभी सोचा है कि क्या वाकई कड़ाके की ठंड में हर दिन नहाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है? या फिर हम सिर्फ एक सामाजिक परंपरा का पालन कर रहे हैं? चलिए, इस 'बर्फीली बहस' पर थोड़ी रोशनी डालते हैं।

रोज़ाना नहाने से स्किन का क्या हाल होता है?
विज्ञान की मानें तो हमारी त्वचा की अपनी एक प्राकृतिक प्रणाली होती है। स्किन से कुछ खास तेल (Natural Oils) निकलते हैं जो इसे मुलायम रखते हैं और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। जब हम कड़ाके की ठंड में बहुत गरम पानी से रोज़ाना और बहुत ज़्यादा साबुन लगाकर नहाते हैं, तो ये सुरक्षा परत धीरे-धीरे हटने लगती है। इसका नतीजा होता है—रूखी त्वचा, खुजली और त्वचा का फटना।

क्या रोज़ नहाना ज़रूरी है?
दुनिया भर के स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologists) का मानना है कि सर्दियों में हर दिन नहाना चिकित्सा की दृष्टि से अनिवार्य नहीं है। अगर आप जिम नहीं जा रहे हैं या बहुत ज़्यादा पसीना बहाने वाला काम नहीं कर रहे हैं, तो हफ्ते में 3 से 4 बार नहाना काफी हो सकता है। असल में, शरीर में कुछ 'अच्छे बैक्टीरिया' होते हैं जो हमारी इम्युनिटी बढ़ाते हैं, और बार-बार साबुन का इस्तेमाल उन्हें खत्म कर सकता है।

गरम पानी की 'आदत' कहीं पड़ न जाए भारी
ठंड में खौलता हुआ या बहुत तेज़ गरम पानी सबको बहुत अच्छा लगता है, लेकिन ये सुकून क्षणिक होता है। ज़्यादा गरम पानी त्वचा के 'प्रोटीन' को नुकसान पहुँचा सकता है। कोशिश करें कि हमेशा 'गुनगुने पानी' (Luke-warm water) से ही नहाएं और नहाने का समय 10-12 मिनट से ज़्यादा न रखें।

अगर आप रोज़ नहायें बिना नहीं रह सकते...
अगर आपके लिए रोज़ नहाना सफाई से कहीं ज्यादा 'मेंटल फ्रेशनेस' की बात है, तो आप इसे जारी रख सकते हैं, लेकिन कुछ छोटे बदलावों के साथ:

  1. साबुन का कम इस्तेमाल: रोज़ाना शरीर के सिर्फ उन हिस्सों को साबुन से साफ करें जहाँ गंदगी या गंध की संभावना ज्यादा हो। पूरे शरीर को बेमतलब साबुन से रगड़ना ज़रूरी नहीं है।
  2. ऑयल मसाज: नहाने से पहले नारियल या तिल के तेल से मालिश करें, ये स्किन की नमी बचाए रखता है।
  3. मॉइश्चराइज़र: नहाने के तुरंत बाद जब स्किन हल्की गीली हो, तभी एक अच्छा लोशन या मॉइश्चराइज़र लगाएं।

चलते-चलते एक काम की बात
नहाना अच्छी बात है, लेकिन सेहत की कीमत पर नहीं। अगर आपकी त्वचा बहुत ज़्यादा सेंसिटिव या रूखी रहती है, तो 'एक दिन छोड़कर एक दिन' (Skip a day) वाला फार्मूला ट्राई करें। इससे आपकी त्वचा को अपनी सुरक्षा परत फिर से बनाने का समय मिल जाएगा। आखिर ये रजाई वाले दिन थोड़े ही वक्त के लिए होते हैं, तो ज़रा सा आराम तो आपकी स्किन भी डिज़र्व करती है!