Rajasthan Weather : राजस्थान में उत्तरी हवाओं का टॉर्चर पारा 4°C तक लुढ़का, कोहरे और कनकनी ने बढ़ाई ठिठुरन
News India Live, Digital Desk : राजस्थान में सर्दी ने एक बार फिर अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मरुधरा के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में गलन काफी बढ़ गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड और मध्यम कोहरे की चेतावनी जारी की है।
तापमान का हाल: नागौर और फतेहपुर में सबसे ज्यादा ठंड
बुधवार सुबह राजस्थान के कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे पहुँच गया:
सबसे ठंडा स्थान: नागौर जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर 5.5°C दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।
सीकर और फतेहपुर: यहां भी पारा 5°C से 6°C के बीच बना हुआ है, जिससे सुबह के समय खेतों में ओस की बूंदें जमती नजर आईं।
राजधानी जयपुर: जयपुर में सर्द हवाओं के कारण अधिकतम तापमान 25°C से नीचे आ गया है, जबकि रात का पारा 10°C के आसपास बना हुआ है।
कोहरा और विजिबिलिटी (Visibility)
राजस्थान के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में आज सुबह घने कोहरे की चादर देखी गई।
अलर्ट: जयपुर, अलवर, धौलपुर और भरतपुर संभाग में सुबह के समय विजिबिलिटी 100 से 200 मीटर तक दर्ज की गई।
यातायात पर असर: कोहरे के कारण जयपुर-दिल्ली हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। मौसम विभाग के अनुसार, 5 फरवरी तक पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मध्यम कोहरा छाया रह सकता है।
आगे कैसा रहेगा मौसम? (अगले 48 घंटे)
शुष्क मौसम: अगले एक सप्ताह तक पूरे प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।
धूप का असर: दिन में आसमान साफ रहने के कारण तेज धूप खिलेगी, जिससे दोपहर के समय लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि, शाम ढलते ही 'फाल्गुनी बयार' (हल्की ठंडी हवाएं) कनकनी बढ़ाएंगी।
नया विक्षोभ: 5 फरवरी की रात से हिमालयी क्षेत्रों में एक और हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका राजस्थान पर कोई बड़ा असर (बारिश के रूप में) होने की संभावना कम है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
तापमान में अचानक आई गिरावट और उत्तरी हवाओं को देखते हुए किसान भाई अपनी रबी की फसलों (गेहूं, सरसों) का विशेष ध्यान रखें। यदि पाला पड़ने की संभावना हो, तो शाम के समय खेतों के चारों ओर हल्का धुआं करें या हल्की सिंचाई करें।